बरेली : उर्स-ए-रज़वी का आज परचम कुशाई के साथ आगाज हो जाएगा। मगर, इससे पहले दरगाह आला हज़रत पर अजमेर शरीफ से आए संदल, केवड़ा और गुलाब पेश किया गया। जिसके चलते दरगाह खुशबू से महक उठी। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रज़ा ख़ान (सुब्हानी मियां), सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां), अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सय्यद सुल्तान उल हसन चिश्ती, और सय्यद आसिफ मियां ने मजार शरीफ पर संदल और फूल पेश किए।
फातिहा के बाद की गई दुआ
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गुलपोशी और गुस्ल के बाद मुफ़्ती अहसन मियां ने खुसूसी दुआ की। रूहानी महफ़िल में बड़ी संख्या में उलेमा-ए-किराम मौजूद रहे। जिनमें मुफ़्ती आक़िल रज़वी, मुफ़्ती सलीम नूरी, मुफ़्ती सय्यद कफ़ील हाशमी, मुफ़्ती अय्यूब नूरी, मौलाना डॉ. एजाज़ अंजुम, मुफ़्ती जमील, कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी समेत अनेक शख़्सियतें शामिल थीं।
दुनिया भर से पहुंचने लगा जायरीन का सैलाब
उर्स-ए-रज़वी में शामिल होने के लिए साउथ अफ्रीका, मॉरीशस, नेपाल समेत भारत के कई सूबों (केरल, ओडिशा, बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान, यूपी आदि) से जायरीन जत्थों में दरगाह पहुंच रहे हैं। दरगाह परिसर गुलपोशी और फातिहाख़्वानी से गूंज उठा है।
इस्लामिया मैदान में बढ़ी रौनक
उर्स स्थल इस्लामिया मैदान में नगर निगम द्वारा पानी की टोटियां, अस्थाई अस्पताल, पूछताछ कार्यालय, नागरिक सुरक्षा कोर, रेलवे और मीडिया कैंप लगाए गए हैं ताकि जायरीन को किसी तरह की परेशानी न हो। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि जायरीन की आमद से बरेली गुलजार होने लगा है। रजाकारों ने जिम्मेदारी संभाल ली है।
