बरेली/दिल्ली : बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर हुई फायरिंग का मामला अब हाई-प्रोफाइल गैंगवार खुलासे में बदल गया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार सुबह इस केस में शामिल दो नाबालिक आरोपियों को राजधानी से गिरफ्तार किया है। इससे पहले, यूपी एसटीएफ ने 17 सितंबर को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में एनकाउंटर कर हरियाणा के कुख्यात बदमाश रविंद्र और अरुण को ढेर कर दिया था। दोनों शूटर गोल्डी बराड़–रोहित गोदारा गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
11 और 12 सितम्बर को हुई थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार, 11 और 12 सितम्बर की रात दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। शुरुआती जांच में यह महज़ धमकी का मामला लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सामने आया कि यह एक संगठित गैंगवार साजिश थी।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
फायरिंग के बाद बरेली पुलिस, यूपी एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू की। करीब 3,000 CCTV फुटेज खंगाले गए, होटल बुकिंग से लेकर बाइक के रूट तक ट्रैकिंग की गई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और गलत मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट
जांच में यह भी सामने आया कि हमले के बाद रोहित गोदारा गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई। उसमें लिखा गया – “ये एनकाउंटर सनातन की हार है… बदला जरूर लिया जाएगा।” पुलिस का मानना है कि गैंगस्टरों ने सिर्फ अपराध ही नहीं किया बल्कि धार्मिक रंग देकर समाज में तनाव फैलाने की कोशिश भी की।
सरकार और पुलिस का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद दिशा पाटनी के पिता से फोन पर बात कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया। वहीं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने साफ कहा कि अगर गैंग ने दोबारा हिमाकत की तो कार्रवाई और भी सख्त होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल गिरफ्तार नाबालिक आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से इस हमले के मास्टरमाइंड और नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों का खुलासा होगा।
