टीटीएस ने मुतावल्लियों को दी चेतावनी-5 दिसंबर अंतिम तारीख, देर की तो हो सकती है दिक्कत
बरेली : दरगाह आला हज़रत के सज्जादानशीन और तहरीक तहफ़्फुज़-ए-सुन्नियत (TTS) के आलमी सदर बदरुश्शरिया मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने शुक्रवार को वक़्फ़ संपत्तियों के ज़िम्मेदारों से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि मस्जिद, दरगाह, खानकाह, कब्रिस्तान, मदरसा और मकतब जैसी वक़्फ़ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन सरकार के “उम्मीद पोर्टल” पर अनिवार्य किया गया है, इसलिए सभी मुतावल्लियां 5 दिसंबर 2025 से पहले पंजीकरण पूरा करा लें।
“वक़्फ़ संपत्तियां बुजुर्गों की निशानी… उनकी हिफाज़त हमारी जिम्मेदारी”- अहसन मियां
सज्जादानशीन अहसन मियां ने कहा कि“वक़्फ़ संपत्तियां हमारे बुजुर्गों की अमानत हैं। उनकी हिफाज़त,देखरेख और रिकॉर्ड अपडेट रखना हमारी धार्मिक और सामाजिक ज़िम्मेदारी है।”“जो मुतावल्लियां अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं, वे तुरंत उम्मीद पोर्टल पर अपनी संपत्ति दर्ज कराएं।”उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय सीमा के बाद कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
23 नवंबर को दरगाह मुख्यालय पर लगेगा वक़्फ़ रजिस्ट्रेशन हेल्प कैंप
दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि वक़्फ़ संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज कराने में परेशानी झेल रहे मुतावल्लियों के लिए 23 नवंबर (इतवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक दरगाह हेडक्वार्टर पर एक विशेष कैंप लगाया जाएगा।इस कैंप में TTS के प्रशिक्षित वालंटियर्स वक़्फ़ ज़िम्मेदारों की पूर्ण सहायता करेंगे। नासिर कुरैशी ने बताया कि नीचे दिए गए टीटीएस प्रतिनिधि रजिस्ट्रेशन में सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। फैज़ मंसूरी 9897070701, इशरत नूरी 7906478223, आलेनबी- 9927270800 टीटीएस कार्यालय (दरगाह परिसर) पर सीधा संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे आखिरी तारीख नज़दीक आएगी, पोर्टल पर दबाव बढ़ेगा इसलिए मुमकिन हो तो जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लें।
यह क्यों ज़रूरी है?
सरकार द्वारा वक़्फ़ भूमि और धार्मिक-सामाजिक संपत्तियों की पारदर्शी निगरानी के लिए उम्मीद पोर्टल लागू किया गया है। इसका उद्देश्य कि संपत्तियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड, अवैध कब्जों पर रोक। रखरखाव और प्रबंधन में पारदर्शिता। विवादों के निपटारे में आसानी है। दरगाह प्रबंधन का मानना है कि समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन न कराने से संपत्तियों के स्वामित्व और प्रबंधन पर खतरा पैदा हो सकता है।
