रामायण वाटिका से लेकर रूद्रावनम् पार्क तक… कमिश्नर ने देखा ग्राउंड वर्क, काम की गति और क्वालिटी बढ़ाने के आदेश
बरेली : यूपी के बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) के सिग्नेचर प्रोजेक्ट्स अब अंतिम रूप लेते दिख रहे हैं। शुक्रवार को आयुक्त (कमिश्नर), बरेली मंडल ने उपाध्यक्ष BDA, सचिव, वरिष्ठ अभियंताओं और अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान आयुक्त ने निर्माण की गति, गुणवत्ता, डिज़ाइन और शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर कई अहम दिशा -निर्देश भी जारी किए। रामगंगा नगर की “रामायण वाटिका” बनी शहर की नई पहचान है। सेक्टर–2 स्थित रामायण वाटिका का निरीक्षण करते हुए आयुक्त महोदय विशेष रूप से 51 फीट ऊँची भव्य भगवान श्रीराम की प्रतिमा, सुंदर म्यूरल्स, अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम, मियावाकी फॉरेस्ट क्षेत्र, और लैंडस्केपिंग देखकर बेहद संतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि “रामायण वाटिका बरेली की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नए स्तर पर ले जाएगी।”सेक्टर-7 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स व कन्वेंशन सेंटर है।

कमिश्नर ने बढ़ाई फैसिलिटीज़ की रफ्तार
सेक्टर-7 में बने बहुउद्देश्यीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कन्वेंशन सेंटर की समीक्षा में कमिश्नर ने स्टेडियम की दर्शक दीर्घा, मल्टी-स्पोर्ट्स एरीना, पार्किंग, सभागार एवं संरचनात्मक निर्माणों का जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए “खेल सुविधाओं की गुणवत्ता और गती में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। प्रोजेक्ट को समय पर व मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।”ग्रेटर बरेली का “रूद्रावनम् पार्क” है। एक लाख वर्गमीटर में बन रहा मेगा ग्रीन प्रोजेक्ट है। ग्रेटर बरेली योजना में विकसित हो रहा रूद्रावनम् पार्क कमिश्नर के विशेष फोकस में रहा। पूरे 1 लाख वर्गमीटर में तैयार हो रहा यह पार्क पर्यावरणीय दृष्टि से शहर का बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है। कमिश्नर ने कहा कि “रूद्रावनम् पार्क बरेली की भावी पहचान बन सकता है, इसलिए इसे समय पर और उच्च गुणवत्ता में पूरा किया जाए।”

बाईपास और पीलीभीत रोड की नई टाउनशिप
कमिश्नर ने कहा ‘शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर डिज़ाइन बनाए।।प्री-इंस्पेक्शन लिस्ट में BDA की प्रस्तावित नई टाउनशिप भी शामिल रही। बाईपास और पीलीभीत रोड पर विकसित होने वाली यह टाउनशिप आने वाले वर्षों में बरेली का नया विस्तार क्षेत्र होगी। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सड़क नेटवर्क आधुनिक और सुगम हो। हरित पट्टियाँ बढ़ाई जाएँ। वाणिज्यिक ज़ोन व्यवस्थित बनें। सामुदायिक सुविधाएँ (पार्क, स्कूल, हेल्थ सेंटर) शामिल हों। डिज़ाइन भावी विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएँ
कमिश्नर का सख़्त निर्देश

समय-सीमा, गुणवत्ता और सुरक्षा पर ZERO COMPROMISE हैं।निरीक्षण के बाद कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि “सभी प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय-सीमा में, सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ पूरा किया जाए। आधुनिक तकनीक और हरित मॉडल को प्राथमिकता दी जाए।”उन्होंने सभी अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जनसुविधाओं से जुड़े किसी भी प्रोजेक्ट में देरी या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
