लखनऊ : शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई से तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर दोनों नेताओं ने देश की रक्षा क्षमता, स्वदेशी तकनीक और उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक पहचान पर गर्व जताया।
योगी बोले – “स्वदेशी तकनीक पर गर्व, यूपी देगा डिफेंस लैंड”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व और खुशी का क्षण है। प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ संकल्प को साकार करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है। ब्रह्मोस मिसाइल भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि अब भारत न सिर्फ अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि दुनिया के मित्र देशों की सुरक्षा में भी योगदान देने में सक्षम है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि जहां भी डिफेंस सेक्टर को जमीन की जरूरत पड़ेगी, यूपी दिल खोलकर देगा। यही धरती माता की इच्छा है। जमीन का सदुपयोग होना चाहिए। यूपी की कैबिनेट ने पहले ही डीआरडीओ को मुफ्त में जमीन देने का फैसला किया था। अब देखिए, यूपी की धरती सोना बन रही है।
राजनाथ सिंह ने कहा – “जीत अब हमारी आदत बन चुकी है”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश और देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लखनऊ अब डिफेंस सेक्टर का अहम केंद्र बन चुका है। मैंने पांच महीने पहले ब्रह्मोस यूनिट का उद्घाटन किया था, और आज उसी यूनिट से पहली खेप रवाना हो रही है यह आम बात नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि जीत अब हमारी आदत बन चुकी है। दुनिया ने भारत की शक्ति को स्वीकार किया है। आज देश आत्मविश्वास से भरा हुआ है। अगर भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है, तो आगे क्या कर सकता है, यह बताने की जरूरत नहीं देशवासी खुद समझदार हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट में मिसाइल इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और क्वालिटी एग्जामिनेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं। यह प्रोजेक्ट डीआरडीओ और रूस की रक्षा कंपनी NPO मशीनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त सहयोग से तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ वैश्विक डिफेंस एक्सपोर्ट बाजार में भी एक मजबूत खिलाड़ी बनाएगा।
