बरेली : यूपी के बरेली बवाल प्रकरण में जेल जा चुके इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा का 35 साल पुराना बैंक कर्ज आखिरकार निपट गया है। सोमवार को उनके भतीजे शहनवाज ने बदायूं जिला सहकारी बैंक की शाखा में जाकर 30,522 की पूरी राशि जमा कर दी। यह वही कर्ज है जो मौलाना ने वर्ष 1990 में अपने पैतृक गांव करतौली (जनपद बदायूं) स्थित रसूलपुर कुट्टी साधन सहकारी समिति से खाद एवं बीज खरीदने के लिए लिया था।
1990 का कृषि कर्ज, जो 2024 तक बकाया रहा

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, उस समय मौलाना तौकीर रजा ने 5,055.60 का कृषि ऋण लिया था। 1996 में सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी,लेकिन मौलाना का खाता उस सूची में शामिल नहीं हुआ। 1997 में जब बैंक की ऑडिट जांच हुई, तो यह कर्ज अब भी बकाया पाया गया। वर्षों तक बार-बार नोटिस भेजे गए, मगर भुगतान नहीं हुआ। अब जब बरेली बवाल के बाद मौलाना पर प्रशासनिक शिकंजा कसना शुरू हुआ, तो बैंक ने भी पुरानी फाइलों की पुनः समीक्षा शुरू की।
बैंक ने भेजा नोटिस, दी 15 दिन की मोहलत
9 अक्टूबर को जिला सहकारी बैंक बदायूं ने मौलाना तौकीर रजा के बरेली स्थित आवास पर वसूली नोटिस चस्पा किया। नोटिस में कहा गया कि ब्याज सहित कुल 30,522 रुपये की देनदारी है, जिसे 15 दिन के भीतर जमा करना होगा, अन्यथा वसूली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी बीच सोमवार को उनके भतीजे शहनवाज ने आगे बढ़कर पूरी राशि बैंक में जमा कर दी। इसकी पुष्टि बैंक अधिकारियों ने की है। जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरीबाबू भारती ने मीडिया को बताया “मौलाना तौकीर रजा के भतीजे ने 30,522 की राशि बैंक की बिनावर शाखा में जमा कर दी है। मूल रकम 5,055.60 थी, जिस पर ब्याज लगाकर कुल राशि 30,522 बनी। भुगतान के बाद खाता पूर्ण रूप से निपट गया है।”
बरेली बवाल के बाद प्रशासनिक फाइलों में हलचल
26 सितंबर को बरेली में हुए बवाल और उसके बाद मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी के बाद कई सरकारी और बैंकिंग एजेंसियों ने उनके पुराने रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए थे। इसी दौरान यह 35 साल पुराना कृषि ऋण खाता दोबारा खुला और जांच में सामने आया कि अब तक इसका भुगतान नहीं हुआ था। बैंक ने इसे “पुराने बकाया की वसूली” के तहत चिन्हित किया था। बैंक सूत्रों के मुताबिक, अब मौलाना का यह खाता ‘समाप्त’ (Closed) श्रेणी में दर्ज किया जा चुका है। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि “बरेली बवाल” प्रकरण के बाद कई पुराने मामलों की जांच जारी है, और संभव है कि अन्य वित्तीय या संपत्ति संबंधी विवरण भी खंगाले जाएं।
सोशल मीडिया पर चर्चा
मौलाना तौकीर रजा का 35 साल पुराना कर्ज चुकाने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे “बरेली बवाल के बाद बदली परिस्थितियों का असर” बता रहे हैं।
