बरेली : बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के चौपुला स्थित आवास पर हुई फायरिंग के सनसनीखेज मामले में आज फिर बड़ा मोड़ आया। सोमवार को इस केस में शामिल दो बाल अभिचारी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किशोर न्यायालय (Juvenile Board) में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस और स्थानीय कोतवाली टीम ने सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था की थी, जबकि पेशी के दौरान पुलिस अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने से इनकार किया।
जानें क्या है पूरा मामला
11 और 12 सितंबर को गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग के शूटरों ने अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित आवास पर फायरिंग की थी। वारदात के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने 2500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, 300 से ज्यादा होटल रिकॉर्ड और सैकड़ों एटीएम कैमरों की जांच कर अपराधियों का सुराग लगाया था। जांच में पता चला कि फायरिंग की योजना पंजाब के गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी थी।
दो शूटरों का एनकाउंटर
19 सितंबर को यूपी एसटीएफ (UP STF) ने इस केस के दो मुख्य शूटर रविंद्र और अरुण को मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों आरोपी पहले दिन की फायरिंग में शामिल थे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने बाद में दो और आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उनके पास से पिस्टल, तमंचे, कारतूस और बाइक बरामद की गई थी।
गोपनीयता में हुई पेशी
दोनों आरोपियों को दिल्ली के किशोर न्याय बोर्ड से ट्रांजिट के तहत बरेली लाया गया। पेशी के दौरान मीडिया और आम लोगों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रही। सूत्रों के अनुसार, दोनों शूटरों के बयान दर्ज किए गए हैं। हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि पूछताछ में क्या खुलासा हुआ है।
पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था
न्यायालय परिसर के बाहर PAC और QRT टीम तैनात रही। सभी रास्तों पर सीसीटीवी मॉनिटरिंग और मेटल डिटेक्शन जांच की गई। पेशी के दौरान दोनों आरोपियों के चेहरे कपड़े से ढंके हुए थे। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और बरेली पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा। दिल्ली पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि फायरिंग दिशा पाटनी के पिता के सरकारी पद से जुड़े पुराने विवाद को लेकर गैंग ने की थी।
हालांकि, पुलिस अभी इस कोण पर आधिकारिक पुष्टि से बच रही है।
