अयोध्या: शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के पगलाधारी गांव में गुरुवार शाम एक भीषण धमाका हुआ, जिसकी आवाज़ करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाका इतना जोरदार था कि पूरा मकान पलभर में मलबे में तब्दील हो गया। मलबे के टुकड़े 200 मीटर दूर तक जा गिरे। गांव वालों के मुताबिक, धमाके के बाद पूरा इलाका दहशत में आ गया। धमाके की गूंज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़े और पुलिस को सूचना दी।
पिता और दो बेटों समेत पांच की दर्दनाक मौत
इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई पिता रामकुमार कसौंधन उर्फ पप्पू, उनके दो बेटे लव (8) और यश, बेटी इशी, और साली वंदना।
मकान के अंदर पप्पू की पत्नी भी मौजूद थी, जिनका अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। धमाके में पिता के चीथड़े तक उड़ गए थे। वहीं, घर में काम करने वाला एक युवक रामसजीवन गंभीर रूप से घायल है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पप्पू अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम करता था। यह वही गांव है, जहां पिछले साल भी एक धमाका हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, पांच शव निकाले गए
धमाके की सूचना पर डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, और सीओ अयोध्या मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया और आसपास के घरों को खाली कराया। पांचों शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। अन्य लोगों के दबे होने की आशंका में JCB मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मृतकों के शरीर पर गंभीर बर्न इंजरी थी। 108 एंबुलेंस चालक अजय कुमार ने बताया कि जब शवों को निकाला गया, तब कुछ में हल्की सांसें चल रही थीं, मगर अस्पताल पहुंचते-पहुंचते सबकी मौत हो गई।

जांच में जुटा प्रशासन, सिलेंडर विस्फोट का शक
डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि घटना की सूचना शाम 7 बजकर 15 मिनट पर मिली थी। मौके पर पहुंचते ही मलबा हटवाने का काम शुरू किया गया। फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर मौजूद है और सैंपल लिए जा रहे हैं। प्रथम दृष्टया जांच में किचन में एलपीजी सिलेंडर फटने की बात सामने आ रही है, क्योंकि वहां फटा कुकर और क्षतिग्रस्त बर्तन मिले हैं। हालांकि, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं घर में अवैध पटाखे बनाने का काम तो नहीं चल रहा था।
एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि मृतक पप्पू ने गांव के बाहर नया मकान बनवाया था और परिवार के साथ वहीं रहता था। आसपास कोई दूसरा घर नहीं था, जिससे नुकसान और बढ़ सकता था। राजस्व टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे पीड़ित परिवार के संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार करें।
