तस्कर के पक्ष में दी गई थी जांच रिपोर्ट, दोबारा जांच में 300 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर कब्जे का खुलासा, कानूनगो पर कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी गई रिपोर्ट
बरेली : यूपी की बरेली जिले की फरीदपुर तहसील क्षेत्र में स्मैक तस्करी से अर्जित संपत्तियों की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। सरकारी जमीन पर बनी कथित तस्कर की आलीशान कोठी के मामले में गलत रिपोर्ट देने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।महिला लेखपाल प्राची शर्मा को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित कानूनगो अरविंद कुमार सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। जानकारी के अनुसार फरीदपुर तहसील के मोहनपुर गांव निवासी मेहताब और उसके भाई शब्बू पर लंबे समय से स्मैक तस्करी से जुड़े रहने का आरोप है।पिछले माह मीरगंज पुलिस ने मेहताब को स्मैक के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद प्रशासन ने उसकी संपत्तियों की जांच शुरू कराई।
जांच में सामने आई करोड़ों की संपत्ति

जांच में सामने आया कि उसके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। इसमें गांव में बनी लगभग एक करोड़ रुपये की आलीशान कोठी भी शामिल है। कोठी की प्रारंभिक जांच लेखपाल प्राची शर्मा और कानूनगो अरविंद कुमार सक्सेना ने की थी। 11 मई को सौंपी गई रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों ने दावा किया कि कोठी पूरी तरह निजी भूमि पर बनी है और सरकारी जमीन खाली पड़ी हुई है। हालांकि रिपोर्ट पर संदेह होने के बाद एसडीएम फरीदपुर रामजनम यादव ने नायब तहसीलदार शुभम पांडेय की निगरानी में दूसरी जांच टीम गठित कर दी।
सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप
दूसरी जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 29 मई को सौंपी गई रिपोर्ट में पाया गया कि कोठी निर्माण के दौरान लगभग 300 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम मोहनपुर की गाटा संख्या 383 श्रेणी 6(3) कब्रिस्तान एवं श्मशान भूमि के 289 वर्ग मीटर भू-भाग पर अतिक्रमण किया गया है। इसके अलावा तस्कर के फूफेरे भाई इसलदार द्वारा गाटा संख्या 390 श्रेणी 5(1) नवीन परती भूमि के 326 वर्ग मीटर क्षेत्र पर कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई।
सरकारी जमीन पर कब्जे की पुष्टि
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने गलत रिपोर्ट देने के आरोप में लेखपाल प्राची शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं कानूनगो अरविंद कुमार सक्सेना के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। एसडीएम रामजनम यादव ने बताया कि दोबारा जांच में सरकारी जमीन पर कब्जे की पुष्टि हुई है। कब्जा हटाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है और सरकारी भूमि पर बनी कोठी को बुलडोजर चलाकर खाली कराया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मेहताब और शब्बू ने कथित रूप से स्मैक तस्करी के जरिए भारी संपत्ति अर्जित की है।
बरेली, शाहजहांपुर और नोएडा में संपत्तियों की जांच
इसके अलावा बरेली, शाहजहांपुर, नोएडा समेत कई स्थानों पर उनकी चल-अचल संपत्तियों की जांच की जा रही है। साथ ही उनके नाम और बेनामी संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। प्रशासन अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें फ्रीज कराने की तैयारी में जुटा है। जिले में मादक पदार्थ तस्करों और उनके अवैध नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच यह कार्रवाई प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा और अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
