पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं का विरोध, राज्यपाल के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
बरेली : उत्तर प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और कानून व्यवस्था को लेकर मंगलवार को बरेली में समाजवादी युवजनसभा के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक स्थित लोहिया बिहार कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक बैलगाड़ी पर बाइक लादकर जुलूस निकाला और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में एलपीजी सिलिंडर, स्मार्ट मीटर और तवा भी नजर आया। बैलगाड़ी पर मोटरसाइकिल रखकर कार्यकर्ताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बढ़ती पेट्रोल कीमतों के कारण आम आदमी अब अपने वाहन चलाने में भी असमर्थ होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।

महंगाई और बिजली संकट पर सरकार को घेरा
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है। उनका कहना था कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने से खाने-पीने और जरूरत की वस्तुओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जबकि लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग परेशान हैं।

राज्यपाल के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
समाजवादी युवा फ्रंटल की ओर से राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में प्रदेश की कई प्रमुख समस्याओं को उठाते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की गई। इसमें महंगाई, बेरोजगारी,भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों की समस्याओं का जिक्र किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के युवा रोजगार की कमी से परेशान हैं और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक व गड़बड़ी की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। मांग की गई कि खाली पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।

किसानों और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
सपा नेताओं ने किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और आवारा पशुओं से फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। इसके साथ ही समय पर भुगतान और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, खराब कानून व्यवस्था, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों की कमी, जलभराव, खराब सड़कें और पेयजल संकट जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया। समाजवादी युवा फ्रंटल ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई और जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
