देवबंद/ सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच बड़ा हिंसक बवाल हो गया। दो बीघा जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर ठाकुर समुदाय और अनुसूचित समाज के लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव शुरू हो गया। इस घटना में दो महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलते ही स्थानीय देवबंद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। कुछ ही देर में आसपास के कई थानों की पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) को भी गांव में तैनात किया गया। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सख्त निगरानी रखी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव लालवाला में दो बीघा जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह जमीन किसकी है और उस पर कब्जा किसका रहेगा, इसको लेकर कई बार पंचायत और स्थानीय स्तर पर बातचीत भी हुई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। शनिवार को विवाद उस समय भड़क गया जब एक पक्ष ने जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही एक पक्ष के लोग जमीन पर पहुंचे, दूसरे पक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई। इसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों और खेतों से भागकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। इस दौरान महिलाओं और बच्चों में दहशत फैल गई। पथराव में कई लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। घायलों को तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल भेजा गया। कुछ लोगों को गंभीर चोटें आने की भी सूचना है।
घटना के बाद गांव में भारी तनाव फैल गया है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने गांव में शांति बनाए रखने की अपील की है और दोनों पक्षों के लोगों से संयम बरतने को कहा है। इस बीच, घटना स्थल पर भीम सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के पहुंचने से माहौल और भी संवेदनशील हो गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए किसी भी बड़े टकराव को रोक दिया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुसूचित समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय उनके ऊपर एकतरफा लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। उनका आरोप है कि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। वहीं ठाकुर पक्ष का कहना है कि उन्होंने विवादित जमीन को वैध रूप से खरीदा है और उनके पास इससे जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब वे जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने अचानक हमला कर दिया और पथराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही विवादित जमीन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। अधिकारियों ने कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि तनाव अभी भी बना हुआ है।
