चंडीगढ़ : पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह से ही चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम ने छापेमारी शुरू की थी। करीब 20 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची ईडी टीम ने पूरे घर को घेर लिया और घंटों चली जांच के बाद मंत्री को हिरासत में ले लिया गया। यह मामला पिछले एक महीने में ईडी की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है। इससे पहले लुधियाना स्थित उनके ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने संजीव अरोड़ा से जुड़ी कुछ कंपनियों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि करीब 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के जरिए कथित फर्जी निर्यात का नेटवर्क चलाया जा रहा था। एजेंसी को शक है कि फेमा नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेशी संस्थाओं के माध्यम से पैसों की राउंड-ट्रिपिंग की गई है। इस मामले में ईडी ने कई बैंक खातों को अटैच कर दिया है, जबकि संबंधित डीमैट खाते और म्यूचुअल फंड निवेश भी फ्रीज कर दिए गए हैं। एजेंसी अब पूरे वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।
वहीं, इस कार्रवाई को लेकर पंजाब की राजनीति में उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भाजपा की ईडी एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे किसी भी दबाव में झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और ईडी मिलकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पंजाब इस तरह की रणनीतियों से डरने वाला नहीं है। संगरूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावों के समय इस तरह की छापेमारी और नोटिस की राजनीति आम हो गई है। उन्होंने भाजपा पर डराने-धमकाने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के लोग इस अन्याय का कड़ा जवाब देंगे।
फिलहाल, ईडी की कार्रवाई और मंत्री की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
