बरेली : यूपी के बरेली जिले में एक बार फिर लापरवाही ने एक गरीब मजदूर की जान ले ली। शहर के सीबीगंज थाना क्षेत्र के नंदौसी गांव में स्थित खुली नहर की पुलिया मौत का जाल बन गई। यहां गिरकर एक 30 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के दो दिन बाद जब शव बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया।
काम से लौटते वक्त हुआ हादसा
मृतक की पहचान मेघनाथ उर्फ राजू (30 वर्ष), पुत्र तिलक राम लोधी, निवासी पचा गोटिया के रूप में हुई है। मेघनाथ परसाखेड़ा क्षेत्र में मजदूरी करता था। सोमवार को रोज की तरह काम पर गया था। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। दो दिन की तलाश के बाद बुधवार को उसका शव नंदौसी गांव के पास खुली नहर पुलिया के नीचे मिला।
नशे में गिरने की आशंका, जांच जारी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि मेघनाथ शराब के नशे में पुलिया के पास पहुंचा। संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया। पुलिया के नीचे पानी और कचरा भरा था, जिससे वह बाहर नहीं निकल सका। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होगी।
ग्रामीणों में गुस्सा, प्रशासन पर आरोप
घटना के बाद गांव में गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुलिया लंबे समय से खुली और असुरक्षित है। कई बार इसे ढंकने की मांग की गई। मगर, हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी 24 मार्च को सेटेलाइट बस स्टैंड के पास खुले नाले में गिरकर तौहीद (हरदोई निवासी) की मौत हो गई थी। उसका शव भी करीब 30 घंटे बाद बरामद हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह साबित कर रही हैं कि खुले नाले और पुलिया लोगों के लिए जानलेवा बन चुके हैं।ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी खुले नालों और पुलियों को तुरंत ढंका जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। हादसों को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
