कोहाड़ापीर से निकली शोभायात्रा, छात्रावास में प्रतियोगिताएं, भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस समेत सभी दलों ने दी बाबा साहब को श्रद्धांजलि
बरेली : भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मंगलवार को बरेली में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शहर में कोहाड़ापीर से नवेल्टी तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो अंबेडकर पार्क में सभा में तब्दील हुई। इस दौरान वक्ताओं ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
छात्रावास में हर्षोल्लास से मनाई गई जयंती

राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास (मूकबधिर परिसर) में जयंती समारोह गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि कमला देवी कश्यप (पार्षद, नगर निगम) और राकेश कश्यप की उपस्थिति में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जीवन, शिक्षा और संविधान निर्माण पर विचार-विमर्श किया गया। निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पूनम देवी को प्रथम, राखी को द्वितीय, प्रज्ञा सिंह को तृतीय और राधा को चतुर्थ स्थान मिला।
सपा कार्यालय पर भी हुआ भव्य कार्यक्रम

समाजवादी पार्टी कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान नेताओं ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान निर्माण कर देश को मजबूत आधार दिया।छुआछूत और जाति प्रथा के खिलाफ संघर्ष किया। महिलाओं और दलितों को अधिकार दिलाए। शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि बाबा साहब ने समाज को समानता और सम्मान का अधिकार दिलाया। विधायक शहजिल इस्लाम ने उनके मिशन को आगे बढ़ाने की बात कही।
संविधान अन्याय के खिलाफ बड़ा हथियार

पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने संविधान को अन्याय के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बताया। प्रदेश प्रवक्ता मुहम्मद साजिद ने बाबा साहब के संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान संजीव यादव, इंजीनियर अनीस अहमद, दीपक शर्मा, राजेश अग्रवाल, हरिशंकर यादव, अरविंद यादव, कदीर अहमद, प्रमोद बिष्ट, संजीव सक्सेना समेत तमाम प्रमुख सपाइयों ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में पक्षियों को आजाद कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी गई।
सभी दलों ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर भाजपा, समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब को याद किया। अंबेकर जयंती पर सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया गया। युवाओं में संविधान और अधिकारों को लेकर जागरूक किया।
