रेसिपी आधारित पुष्टाहार लागू, हलवा, बर्फी और खिचड़ी होगी शामिल, बच्चों और महिलाओं को मिलेगा स्वाद के साथ पोषण
बरेली : उत्तर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में अप्रैल से पुष्टाहार वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक मिलने वाले दलिया, चावल और रिफाइंड की जगह रेसिपी आधारित तैयार खाद्य पदार्थ दिए जाएंगे, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण के साथ स्वाद भी मिल सके।
क्या होगा नया मेन्यू
नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर मीठे में आटा-बेसन का हलवा, आटा-बेसन की बर्फी, नमकीन में मूंग दाल की खिचड़ी का वितरण किया जाएगा। सरकार ने अलग-अलग आयु वर्ग के लिए विशेष मेन्यू तय किया है। इसमें 6 माह से 1 वर्ष तक आटा-बेसन हलवा, 1 से 3 वर्ष तक आटा-बेसन हलवा, 3 से 6 वर्ष का आटा-बेसन बर्फी + खिचड़ी, गर्भवती और धात्री महिलाओं को सोया बर्फी,मूंग दाल खिचड़ी अति कुपोषित बच्चों के लिए है।
ऊर्जा युक्त विशेष हलवा और दलिया
केंद्रों पर ऊर्जा युक्त विशेष हलवा और दलिया मिलेगा। इसके साथ ही OTP से वितरण होगा। अब पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए NAFED के माध्यम से OTP आधारित सिस्टम लागू किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल पर OTP भेजा जाएगा। सत्यापन के बाद ही खाद्य सामग्री का वितरण किया जाएगा। नई व्यवस्था में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन,NAFED की अहम भूमिका होगी। इसके साथ ही अलग-अलग कंपनियों को पुष्टाहार आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुरानी व्यवस्था खत्म करने के निर्देश
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि पहले से लंबित पुष्टाहार का वितरण जल्द पूरा किया जाए। स्वयं सहायता समूहों के बकाया भुगतान भी समय से किए जाएं। अधिकारियों का क्या कहना है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अप्रैल से यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी और इसका उद्देश्य कुपोषण को कम करना और बच्चों को आकर्षक भोजन उपलब्ध कराना है।
