नई दिल्ली : बाहरी जिला पुलिस ने पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा करते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पैसों के लालच में तीन लोगों को जहर देकर मारने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमरुद्दीन उर्फ बाबा, निवासी फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के लोनी और फिरोजाबाद में तांत्रिक केंद्र संचालित करता था।
डीसीपी बाहरी जिला सचिन शर्मा के अनुसार, 8 फरवरी को पश्चिम विहार ईस्ट थाना क्षेत्र में पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली थी कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक सफेद कार में तीन लोग अचेत अवस्था में पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कार से 76 वर्षीय रणधीर सिंह, 42 वर्षीय शिव नरेश और 40 वर्षीय लक्ष्मी को बाहर निकालकर तत्काल संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। कार की तलाशी में शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, खाली गिलास, मोबाइल फोन, हेलमेट, जैकेट और कुछ दस्तावेज बरामद हुए। शुरुआती जांच में लूट या संघर्ष के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले थे, जिससे मामला और रहस्यमय बन गया था।
मृतकों के परिजनों ने आत्महत्या की संभावना से इनकार करते हुए साजिश की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से यह सामने आया कि तीनों मृतक एक ही तांत्रिक कमरुद्दीन के लगातार संपर्क में थे। जांच में पता चला कि आरोपी ने धनवर्षा और तांत्रिक क्रिया के नाम पर तीनों को झांसे में लिया था। उसने उनसे दो लाख रुपये नकद, शराब और कोल्ड ड्रिंक लाने को कहा था।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन तीनों मृतक लोनी पहुंचे थे, जहां आरोपी उनसे मिला। इसके बाद कमरुद्दीन उनकी कार में सवार हुआ और पीरागढ़ी तक साथ आया। रास्ते में उसने लड्डू में जहर मिलाकर शराब और कोल्ड ड्रिंक के साथ तीनों को खिलाया। कुछ ही समय में तीनों अचेत हो गए। इसके बाद आरोपी नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर मौके से फरार हो गया। हालांकि, महिला के गहने उसने इसलिए नहीं लिए क्योंकि वे आर्टिफिशियल पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि मृत महिला लक्ष्मी सबसे पहले आरोपी के संपर्क में आई थी। वह अपने पति के इलाज के सिलसिले में जहांगीरपुरी निवासी सलीम के जरिए तांत्रिक तक पहुंची थी। मुलाकात के दौरान आरोपी ने शॉल से पैसे निकालने जैसा करतब दिखाकर धनवर्षा का दावा किया और भरोसा दिलाया कि तांत्रिक क्रिया से रकम कई गुना बढ़ाई जा सकती है। इसी विश्वास में लक्ष्मी ने शिव नरेश और रणधीर को भी उससे मिलवाया। आरोपी ने दो लाख रुपये को तीन करोड़ रुपये बनाने का झांसा दिया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में आरोपी ने जांच को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी कार में मौजूदगी की पुष्टि हो गई। सीसीटीवी फुटेज से यह भी साफ हुआ कि घटना से पहले कार में तीन नहीं, बल्कि चार लोग सवार थे। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है।
