लखनऊ : केजीएमयू में मरीजों को सस्ती और सुगम जांच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। संस्थान में इन्वेस्टीगेशन रिवॉल्विंग फंड (आईआरएफ) के माध्यम से विभिन्न प्रकार की पैथोलॉजी और अन्य जांच की शुरुआत अगले छह महीने के भीतर होने की संभावना है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से मरीजों को दवाओं की तरह ही कम कीमत पर जांच की सुविधा मिल सकेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे जांच की लागत में करीब 40 फीसदी तक की कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ होगा।
केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना करीब सात से आठ हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जबकि ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन लगभग चार सौ मरीज आते हैं। इसके अलावा संस्थान में करीब साढ़े चार हजार मरीज भर्ती रहते हैं। इन सभी मरीजों की मिलाकर रोजाना आठ से दस हजार तक विभिन्न प्रकार की पैथोलॉजी जांच की जाती हैं। इन जांचों में रीजेंट की भूमिका बेहद अहम होती है, क्योंकि रीजेंट की कीमत सीधे जांच शुल्क को प्रभावित करती है। इसे ध्यान में रखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने दवाओं की तर्ज पर रीजेंट भी सीधे कंपनियों से खरीदने के लिए आईआरएफ के तहत फंड बनाने की योजना तैयार की है। फिलहाल केजीएमयू में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) के माध्यम से मरीजों को 40 से 70 फीसदी तक कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी मॉडल पर आईआरएफ लागू किया जाएगा, जिससे जांच शुल्क में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें बाहर महंगी जांच कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आईआरएफ सेंटर के लिए केजीएमयू के आरएलसी भवन को चिन्हित किया गया है। पहले इस भवन में हड्डी रोग विभाग संचालित होता था, जिसे अब सुपरस्पेशियलिटी सेंटर के नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। स्थान की कमी के कारण अब तक आईआरएफ की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी, लेकिन भवन चिन्हित होने के बाद आगे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि मरीजों को सस्ती जांच का लाभ देने के उद्देश्य से आईआरएफ की व्यवस्था शुरू की जा रही है। स्थान चिन्हित हो चुका है और बाकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उम्मीद है कि अगले छह महीने में मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
इसके साथ ही केजीएमयू के जर्जर हो चुके पुराने डेंटल भवन को ध्वस्त किए जाने की योजना है। इसके स्थान पर नया डेंटल भवन और उससे सटे क्षेत्र में एपेक्स सेंटर फॉर चाइल्ड एंड वूमेन हेल्थ का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नए एपेक्स सेंटर में मां और शिशु के इलाज की सुविधा एक ही भवन में उपलब्ध होगी। यहां 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनेगा, जिसमें 50 बेड मेटरनल आईसीयू और 50 बेड नियोनेटल आईसीयू के होंगे। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
