नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सर्वेक्षण से पहले संसद में अपने संबोधन के दौरान कहा कि इस समय देश का ध्यान केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की पहचान केवल बजट तक सीमित नहीं रही है, बल्कि बीते वर्षों में सरकार ने “Reform, Perform और Transform” की नीति के माध्यम से देश के विकास को नई गति दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत सुधारों की “Reform Express” पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सुधारों की यात्रा केवल सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद के सभी सदस्यों के सकारात्मक सहयोग से लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने संसद के सभी साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा के कारण सुधारों की यह प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़ रही है। देश अब लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के दायरे से निकलकर स्थायी और दूरगामी समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह मुक्त व्यापार समझौता आने वाले समय की उज्ज्वल दिशा और भारतीय युवाओं के भविष्य को दर्शाता है। उन्होंने इसे महत्वाकांक्षी भारत, आकांक्षी युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार करार दिया और उम्मीद जताई कि भारतीय निर्माता इस अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे।
देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब अगले चरण की शुरुआत हो रही है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 25 वर्ष बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने बताया कि इस नए चरण का पहला बजट जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लगातार नौवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं, जो संसदीय इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण को 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और विशेष रूप से युवाओं की उम्मीदों की अभिव्यक्ति बताया।
