बरेली: थाना कैंट क्षेत्र के गांव चौवारी में साल 2013 में हुए मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने 13 साल बाद फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में चार लोगों को दोषी मानते हुए उन्हें अलग-अलग धाराओं में जेल की सजा और जुर्माना लगाया है।
घर में घुसकर किया था हमला
मामले के अनुसार, 3 जुलाई 2013 को गांव चौवारी निवासी पिंटू सिंह ने थाना कैंट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गांव के ही रतिभान, अंकित, दीपक और मोनू उनके घर में घुस आए और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में पिंटू सिंह की मां र्वेश देवी, भाई आकाश और लल्लू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोपियों ने घर में तोड़फोड़ भी की थी और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए थे।
गवाहों और सबूतों के आधार पर आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाह पेश किए गए। सभी गवाहों और सबूतों को सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने रतिभान, अंकित, दीपक और मोनू को घर में घुसकर हमला करने और गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में तीन-तीन साल की जेल और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा मारपीट, तोड़फोड़ और धमकी देने के मामलों में एक-एक साल की अतिरिक्त सजा और 4-4 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर सभी को अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
