बदायूं: बदायूं के विकास की दिशा में एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। शहर में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी है। एनएचएआई ने डीपीआर के लिए 1 करोड़ 6 लाख 15 हजार 365 रुपये की मंजूरी प्रदान की है, जिससे इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
यह स्वीकृति एनएचएआई की परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी पत्र के माध्यम से दी गई है। इसके तहत मैसर्स मार्क टेक्नोक्रेट्स लिमिटेड को रिंग रोड की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कंपनी वॉयंट्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम के रूप में कार्य करेगी। डीपीआर का यह कार्य इटावा–फर्रुखाबाद–बरेली खंड से संबंधित मौजूदा परामर्श सेवाओं के दायरे में परिवर्तन यानी चेंज ऑफ स्कोप के अंतर्गत कराया जाएगा। सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है।
डीपीआर तैयार होने के बाद बदायूं रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया को गति मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने से शहर के अंदर से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव काफी हद तक कम होगा। इसके चलते जाम, सड़क दुर्घटनाओं और प्रदूषण की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर उझानी रोड, बरेली रोड और मुरादाबाद रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात पहले से अधिक सुचारु हो सकेगा।
रिंग रोड परियोजना से बदायूं के बाहरी इलाकों में विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ शहर का समग्र विकास भी संभव हो सकेगा। स्थानीय व्यापार और निवेश को भी इससे नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक की स्वीकृति के बाद यह आदेश प्रबंधक तकनीकी सुजोत गुप्ता द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ और मुख्यालय नई दिल्ली को भी भेजी गई है।
इस संबंध में केंद्रीय राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि बदायूं के समग्र विकास के लिए रिंग रोड अत्यंत आवश्यक है। डीपीआर के लिए वित्तीय मंजूरी मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।