बरेली:प्रेमनगर थाना क्षेत्र में सामने आए दिनदहाड़े लूट के मामले और चर्चित बजरंग दल कांड ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। लगातार मिल रही शिकायतों, एफआईआर में देरी और गंभीर अपराध को हल्का दिखाने के आरोपों के बाद आखिरकार पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।
SSP अनुराग आर्य का बड़ा फैसला, थाना प्रभारी हटाए गए
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कार्रवाई करते हुए प्रेमनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजबली सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह यूपी-112 में तैनात इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
चार दिन तक दर्ज नहीं हुई FIR, लूट को बताया गया मामूली घटना
राजेंद्रनगर स्थित पीडब्ल्यूडी आवास विकास कॉलोनी की निवासी रेनू, जो पेशे से साइकोलॉजिस्ट हैं, 22 दिसंबर को अपने घर में अकेली थीं। इसी दौरान एक युवक ई-रिक्शा से पहुंचा और खुद को पीडब्ल्यूडी का कर्मचारी बताकर घर में घुस गया। आरोपी ने महिला से हाथापाई की और मोबाइल लूटकर फरार हो गया। पीड़िता ने उसी दिन थाने पहुंचकर शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने चार दिन तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। बाद में लूट जैसे गंभीर अपराध को हल्की धारा में दर्ज किया गया, जिससे पुलिस की नीयत और कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
CO जांच में उजागर हुई थाने की बड़ी चूक
मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर सीओ आशुतोष शिवम ने जांच की। जांच रिपोर्ट में एफआईआर में देरी, गलत धाराओं का इस्तेमाल और मामले को हल्का दिखाने की कोशिश को गंभीर लापरवाही माना गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर SSP ने तत्काल कार्रवाई की।
बजरंग दल कांड ने बढ़ाई मुश्किलें
दि डेन कैफे में बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मारपीट के मामले में भी प्रेमनगर पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में रही। समय पर सख्त कदम न उठाने और मामले को दबाने के आरोपों ने इंस्पेक्टर की स्थिति और कमजोर कर दी।
आरोपी गिरफ्तार, लेकिन कार्रवाई पर सवाल बरकरार
पुलिस ने जोगीनवादा निवासी आरोपी मंजीत राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से लूटा गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा भी बरामद किया गया है। आरोपी को जेल भेजा जा चुका है, लेकिन चर्चा इस बात की है कि पुलिस ने तब कार्रवाई की जब मामला सुर्खियों में आ गया।
विभागीय जांच के संकेत, सख्त संदेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाइन हाजिर किए गए इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच की भी तैयारी है। SSP अनुराग आर्य की यह कार्रवाई पुलिस महकमे के लिए साफ संदेश मानी जा रही है कि लापरवाही, दबाव में काम करना और अपराधों को हल्का दिखाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
