नोएडा : सेकेंड हैंड कार खरीदने वालों के लिए यह खबर बेहद अहम और सतर्क करने वाली है। अगर आप भी पुरानी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ज़रा सावधान हो जाइए, क्योंकि नोएडा में कार खरीद–फरोख्त के नाम पर ठगी और चोरी का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है।
दरअसल, कार बेचने के बाद उसी कार को चोरी कर दोबारा बेचने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस गैंग का तरीका बेहद चालाक और सुनियोजित था। आरोपी सेकेंड हैंड कार बेचते समय कार में पहले से जीपीएस डिवाइस लगवा देते थे और साथ ही कार की डुप्लीकेट चाबी भी तैयार कर लेते थे। इसके बाद वे कार खरीदार से पूरी रकम वसूल लेते थे, लेकिन जानबूझकर कार का ट्रांसफर नहीं कराते थे।
अगर खरीदार दस्तावेजों को लेकर ज्यादा दबाव बनाता, तो उसे फर्जी कागज थमा दिए जाते थे। जैसे ही खरीदार संतुष्ट होकर कार इस्तेमाल करने लगता, आरोपी जीपीएस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक करते और मौका मिलते ही कार चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद आरोपी पीड़ित से संपर्क पूरी तरह तोड़ देते थे और उसी कार को दोबारा किसी और को बेचने की तैयारी कर लेते थे। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह अब तक 10 से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
इस पूरे मामले का खुलासा थाना सेक्टर-113 नोएडा पुलिस ने किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पर्थला डूब क्षेत्र कब्रिस्तान सर्विस रोड के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक बिना नंबर प्लेट की टाटा नेक्सॉन कार और एक कार की चाबी बरामद हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अरुण भारद्वाज सेकेंड हैंड कार का कारोबारी है। उसी ने कार बेचते समय जीपीएस लगवाया और डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। बाद में उसने अपने साथियों लोकेश नागर और अमित नागर के साथ मिलकर कार चोरी करवाई। हैरानी की बात यह है कि कार पर फाइनेंस भी चल रहा था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने पीड़ित से पूरी रकम वसूल ली थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लोकेश नागर (36), अरुण भारद्वाज (39) और अमित नागर (24) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और अन्य आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आम लोगों से अपील की है कि सेकेंड हैंड कार खरीदते समय आरसी ट्रांसफर, फाइनेंस क्लियरेंस और दस्तावेजों की पूरी जांच जरूर करें।
