लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रेरणा स्थल और उसके आसपास के पूरे इलाके को देश के विभिन्न राज्यों से मंगाए गए फूलों और पौधों से सजाया गया था। हरियाली, रंग-बिरंगे फूल और हैंगिंग गमलों से पूरा क्षेत्र आकर्षक नजर आ रहा था।
लेकिन पीएम के कार्यक्रम के कुछ ही घंटों बाद लखनऊ की तहजीब और संस्कृति पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लोग सजावट में लगाए गए गमले चोरी करते नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग स्कूटी और कारों में गमले भर-भरकर ले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी किसी को रोकते नहीं दिखे, बल्कि मुस्कुराते हुए खड़े नजर आए।
वीडियो में एक व्यक्ति स्कूटी पर भाजपा का झंडा लगाए हुए गमले उठाता दिख रहा है। वहीं, बुर्का पहने एक महिला स्कूटी से आती है, तेजी से 2 से 3 गमले उठाती है और मौके से चली जाती है। कुछ लोग हंसते हुए गमले ले जाते दिखाई देते हैं, मानो यह कोई सामान्य बात हो। ग्रीन कॉरिडोर और बसंत कुंज रोड को सजाने के लिए हैंगिंग वॉल लगाई गई थी, जिसमें फूलों से सजे छोटे-छोटे गमले टांगे गए थे। कार्यक्रम के बाद पहले 2-3 लोग गमले उठाने लगे, उन्हें देखकर वहां मौजूद अन्य लोग भी रुक गए और देखते ही देखते गमलों की लूट मच गई।
वीडियो में एक युवक लोगों को रोकने की कोशिश करता है। वह कहता है कि इस तरह की हरकत लखनऊ शहर को बदनाम करती है। युवक का कहना है कि लखनऊ अपनी तहजीब, संस्कृति और शालीनता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, चोरी करना हमारी पहचान नहीं है। युवक यह भी कहता है कि इस तरह की घटनाओं से लखनऊ वालों का सिर शर्म से झुक जाएगा। हालांकि उसकी अपील का लोगों पर कोई असर नहीं हुआ और वे हंसते हुए गमले उठाते रहे। इस पूरे मामले पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के सिक्योरिटी ऑफिसर राजकुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को समझाया जा रहा है। यदि इसके बावजूद लोग नहीं मानते हैं, तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गमले चोरी की घटना का जिक्र किया था। उन्होंने BBD यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बताया था कि G-20 समिट के बाद लोग मर्सिडीज कारों से कार्यक्रम स्थल के गमले उठाकर ले गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर कार्रवाई होती, तो शहर की गलत छवि बनती।
इस घटना को लेकर मनोवैज्ञानिकों ने भी अपनी राय दी है। साइकैट्रिस्ट डॉ. सुमित कुमार के अनुसार, यह व्यवहार क्लेपटोमनिया नामक मानसिक बीमारी के कारण हो सकता है। इसमें व्यक्ति को चोरी करने की तीव्र इच्छा होती है, जिस पर उसका नियंत्रण नहीं रहता। कई बार लोग ऐसी चीजें चुरा लेते हैं जिनकी उन्हें जरूरत भी नहीं होती। फिलहाल, राष्ट्र प्रेरणा स्थल से गमले चोरी की यह घटना प्रशासन, समाज और आम लोगों के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि क्या वाकई हम अपनी तहजीब और जिम्मेदारी को भूलते जा रहे हैं।
