लखनऊ/मुजफ्फरनगर : भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रवक्ता और प्रख्यात किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत के साथ हुई बदसलूकी को लेकर किसानों में गहरा रोष है। शुक्रवार को मुजफ्फरनगर के टाउन हॉल में आयोजित जन आक्रोश रैली के दौरान राकेश टिकैत के साथ कथित धक्कामुक्की, नारेबाजी और पगड़ी गिराने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में शनिवार को मुजफ्फरनगर में विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से भाकियू के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे।
पगड़ी गिराना, एक गंभीर अपमान, किसान संगठनों में आक्रोश
जन आक्रोश रैली के दौरान जैसे ही राकेश टिकैत मंच पर पहुंचे। कुछ असामाजिक तत्वों ने नारेबाजी शुरू कर दी और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। आरोप है कि इस दौरान टिकैत के साथ धक्का-मुक्की की गई। जिससे उनकी पगड़ी गिर गई। इससे किसान समुदाय अपमान के रूप में देख रहा है। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए ऐसी हरकतें की जा रही हैं, लेकिन इससे किसानों के हौसले पस्त नहीं होंगे।
एक व्यक्ति हिरासत में, जांच जारी
घटना के तुरंत बाद भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन राठी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों का हुजूम, समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि
शनिवार सुबह किसान भवन पर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की समाधि पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद किसान नेता चौधरी नरेश टिकैत और अन्य पदाधिकारी ट्रैक्टर और गाड़ियों के काफिले के साथ जीआईसी ग्राउंड पहुंचे, जहां किसान मजदूर पंचायत आयोजित की गई।पंचायत में वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि किसान नेताओं का अपमान देश के अन्नदाता का अपमान है। ऐसी घटनाओं से किसान डरने वाले नहीं हैं, बल्कि और संगठित होकर आवाज उठाएंगे।
भविष्य की रणनीति पर विचार
पंचायत के दौरान तय किया गया कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। पंचायत में किसानों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
