नई दिल्ली : उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी शरजील इमाम को बड़ी राहत मिली है। अदालत से 10 दिन की अंतरिम जमानत मिलने के बाद करीब छह साल बाद वह जेल से बाहर आया है। यह जमानत उसे पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए दी गई है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तिहाड़ जेल से शरजील इमाम को रिहा किया गया। वह गेट नंबर तीन से बाहर निकला और इस दौरान उसके चेहरे पर मुस्कान देखी गई। जेल से बाहर आते ही वह सीधे कार में बैठकर वहां से रवाना हो गया। हालांकि इस दौरान मौजूद मीडिया ने उससे सवाल करने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और चुपचाप वहां से निकल गया।
दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने 9 मार्च को शरजील इमाम को 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। अदालत ने यह राहत उसे पारिवारिक कारणों के आधार पर दी है, ताकि वह अपने भाई की शादी में शामिल हो सके और परिवार के साथ कुछ समय बिता सके। जानकारी के मुताबिक, उसके भाई की शादी 25 मार्च को निर्धारित है।
बताया जा रहा है कि शरजील इमाम ने अदालत से करीब छह सप्ताह की अंतरिम जमानत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उसकी याचिका पर आंशिक राहत देते हुए केवल 10 दिन की जमानत मंजूर की। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह जमानत सीमित अवधि के लिए है और उसे तय शर्तों का पालन करना होगा। गौरतलब है कि शरजील इमाम उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में आरोपी है और वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में था। करीब छह साल बाद जेल से बाहर आने पर यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरिम जमानत अक्सर मानवीय आधार पर दी जाती है, खासकर जब मामला पारिवारिक आयोजनों से जुड़ा हो। हालांकि, इस दौरान आरोपी को अदालत द्वारा तय शर्तों का सख्ती से पालन करना होता है और निर्धारित समय पूरा होने के बाद उसे फिर से जेल में सरेंडर करना होता है।
फिलहाल शरजील इमाम को मिली इस अंतरिम जमानत को लेकर सियासी और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि जमानत की अवधि पूरी होने के बाद आगे इस मामले में क्या कानूनी प्रक्रिया होती है।
