लखनऊ/कानपुर : यूपी के कानपुर शहर में जो हुआ, वह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि समाज के संवेदनहीन होते जाने की भयावह तस्वीर थी। 19 साल की नर्सिंग छात्रा अलशिफा और उसका 15 वर्षीय भाई तौहिद सड़क पर करीब 40 मिनट तक तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया। राहगीर उन्हें घूरते रहे, कुछ ने मोबाइल कैमरे से वीडियो बनाए, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया,जब एंबुलेंस और पुलिस पहुंची, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परीक्षा देने निकली थी बहन, भाई स्टेशन छोड़ने गया

मूल रूप से मसवानपुर निवासी मो. शकील की बेटी अलशिफा, बिल्हौर के आरौल स्थित एक नर्सिंग कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की छात्रा थी। उसकी परीक्षा थी। वह अपने छोटे। भाई तौहिद के साथ स्कूटी से घर से निकली। स्टेशन तक पहुंचाने के बाद भाई को घर लौटना था। मगर, नियति को कुछ और ही मंजूर था। केस्को सब-स्टेशन के पास तेज रफ्तार लोडर, जो गलत दिशा से आ रहा था, उसने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों भाई-बहन उछलकर सड़क पर जा गिरे। लोडर चालक वाहन समेत फरार हो गया।
मानवता शर्मसार, कोई मदद को नहीं आया, वीडियो बनाते रहे लोग
40 मिनट तक दोनों भाई-बहन तड़पते रहे। उनके पास से गुजरते वाहनों और राहगीरों की भीड़ बढ़ती रही। मगर, कुछ लोग वीडियो बनाने लगे, कुछ खड़े होकर तमाशा देखते रहे। किसी ने एंबुलेंस या सहायता नहीं बुलाई। काफी देर बाद पुलिस पहुंची। इसके बाद एंबुलेंस आई,तब दोनों को कल्याणपुर सीएचसी पहुंचाया गया, तब तक डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पिता मोहम्मद शकील ने बताया कि वे बेटी को लेकर दो दिन पहले राजस्थान के फतेहपुर परीक्षा दिलाने गए थे। वह घर लौटी थी और फिर तड़के परीक्षा के लिए फिर निकल पड़ी। साढ़े सात बजे उन्हें हादसे की सूचना मिली। बेटी के साथ बेटे की भी मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। मां खुशनुमा बानो और बहनें कशिश, एलिस, मंतशा का रो-रोकर बुरा हाल है। एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह नहीं कि रिपोर्ट कब लिखी जाएगी। सवाल यह है कि जब कोई ज़िंदा था, तब हम सब क्या कर रहे थे ?
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