वाराणसी कमिश्नर मोहित गुप्ता बने सचिव गृह, सात जिलों के बदले कप्तान, गोरखपुर के एसएसपी का भी ट्रांसफर
लखनऊ : उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में कई जिलों के एसएसपी और डीआईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सबसे बड़ा नाम वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित गुप्ता का है। जिन्हें अब सचिव गृह की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही बरेली में आईजी रेंज के पद पर सहारनपुर रेंज के डीआईजी अजय साहनी को भेजा गया है। आईपीएस अजय साहनी वर्ष 2009 बैच के अफसर हैं। पुलिस महकमें के रिकॉर्ड के मुताबिक यूपी के महाराजगंज जनपद के आनंद नगर निवासी आईपीएस अजय साहनी ने एमए अर्थशास्त्र,और बीएड की एजुकेशन ली है। उनको एनकाउंटर स्पेलिस्ट भी कहा जाता है। 650 एनकाउंटर किए हैं। इसमें 46 बदमाश थे। सबसे पहली पोस्टिंग मुरादाबाद में हुई थी। उनकी पोस्टिंग के एक महीने बाद ही दंगा हो गया। यहां के आईजी डॉ.राकेश सिंह 30 अप्रैल को रिटायर (सेवानिवृत्त) हो चुके हैं।
डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण को वाराणसी रेंज का डीआईजी बनाया
वाराणसी कमिश्नर मोहित गुप्ता को शासन ने सचिव गृह के पद पर तैनात किया है। यह नियुक्ति राज्य सरकार की सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था के लिहाज़ से काफी अहम मानी जा रही है। डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण को वाराणसी रेंज का डीआईजी बनाया गया है। मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक सिंह को सहारनपुर रेंज का डीआईजी बनाया गया है। अयोध्या के एसएसपी राजकरन अय्यर अब गोरखपुर के एसएसपी होंगे। गोरखपुर में तैनात एसएसपी गौरव ग्रोवर को अयोध्या भेजा गया है। इटावा के एसएसपी संजय कुमार को मुजफ्फरनगर का नया एसएसपी बनाया गया है। पीएसी लखनऊ में तैनात अनूप कुमार सिंह को फतेहपुर का एसपी बनाया गया है। कौशांबी के एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को इटावा की कमान दी गई है। गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार को कौशांबी का एसपी बनाया गया है।फतेहपुर के एसपी धवल जायसवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट भेजा गया है। संतकबीरनगर के एसपी सत्यजीत को कानपुर कमिश्नरेट में तैनात किया गया है। गोरखपुर में एसपी रेलवे संदीप कुमार मीना को संतकबीरनगर का नया एसपी बनाया गया है। एसीओ में तैनात लक्ष्मी निवास मिश्रा को गोरखपुर का एसपी रेलवे बनाया गया है।
संवेदनशील जिलों में अनुभवी अधिकारियों को कमान
इन तबादलों के बाद चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसको आगामी चुनावी तैयारियों और कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। मगर, कई संवेदनशील जिलों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती भी गई है।
