जमात रजा-ए-मुस्तफा के महासचिव ने दीनी और दुनियावी शिक्षा पर दिया जोर
बरेली : दरगाह ताजुश्शरिया बरेली में हुए सातवें उर्स-ए-ताजुश्शरिया के मौके पर जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खां (फरमान मियां) ने तालीम की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि “तालीम ही वह ताकत है, जो इंसान की जिंदगी को बेहतर बना सकती है।” उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में हर मुसलमान के लिए दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी शिक्षा हासिल करना भी जरूरी है।
अदब अखलाक और इस्लामी तहजीब भी जरूरी
फरमान मियां ने कहा,”हमारी नई नस्ल को केवल किताबी इल्म ही नहीं, बल्कि अदब, अखलाक और इस्लामी तहज़ीब की समझ देना भी हमारी जिम्मेदारी है। अगर, हम चाहते हैं कि हमारी कौम तरक्की करे, तो हमें अपनी बच्चियों और बच्चों दोनों को तालीम से लैस करना होगा।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मदरसे के साथ-साथ स्कूल और आधुनिक संस्थानों में भी पढ़ाई कराना वक्त की मांग है, ताकि हमारी नस्लें मजहबी और समाजी दोनों जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकें।
उर्स-ए-ताजुश्शरिया में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
सातवें उर्स के अवसर पर दरगाह ताजुश्शरिया में देश-विदेश से बड़ी तादाद में अकीदतमंद पहुंचे। कुरानखानी, नात-मनकबत, और उलमा-ए-किराम की रूहानी तकरीरों से दरगाह का माहौल पूरा दिन नूरानी बना रहा। मुख्य कार्यक्रम में काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती असजद मियां, कालपी के सज्जादा नशीन सैय्यद गियास मियां, बगदाद शरीफ के शेख उमर अल बगदादी, अफ्रीका के अफ्ताफ कासिम और बिलग्राम, रामपुर, अयोध्या, बस्ती आदि जगहों से आए उलमा ने भी अपने खिताबात पेश किए।
शिक्षा को केंद्र में लाना वक्त की ज़रूरत
फरमान मियां ने यह भी कहा कि जमात रज़ा-ए-मुस्तफा हमेशा से ही तालीम को अपनी प्राथमिकता में रखती आई है। उन्होंने वादा किया कि संगठन आने वाले दिनों में तालीम को बढ़ावा देने के लिए स्कूल, कोचिंग सेंटर्स और छात्रवृत्ति योजनाओं पर ज़ोर देगा। वह पहले से ही नीट की तैयारी कराते हैं।
उर्स की व्यवस्थाओं की अकीदतमंदों ने की तारीफ
जमात रज़ा के महासचिव फरमान मियां ने बताया कि उर्स की हर व्यवस्था बखूबी निभाई गई। बाहर से आए ज़ायरीनों के लिए रहने, खाने और सफर की उचित सुविधा दी गई। ऑडियो लाइव प्रसारण के जरिए दूर-दराज़ के लोग भी प्रोग्राम से जुड़े रहे।
