बरेली: शहर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने सख्त रुख अपनया हुआ है। जिसके चलते मंगलवार को बीडीए ने बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने थाना कैंट क्षेत्र के करेली और थाना भोजीपुरा क्षेत्र के बड़ा बाईपास पर स्थित तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। यह कॉलोनियां बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के विकसित की जा रही थीं।
तीन कॉलोनियों पर गरजा बुल्डोजर

शहर के कैंट थाना क्षेत्र के करेली गांव में गजेन्द्र पटेल ने लगभग 12 बीघा क्षेत्रफल में बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के सड़कों का निर्माण, बाउंड्री वॉल और भूखंडों का चिन्हांकन किया जा रहा था। इसी गांव में पोशाकी लाल कश्यप की 10 बीघा भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी सड़क, बाउंड्री और प्लॉटिंग कार्य चल रहा था। इसी तरह से भोजीपुरा थाना क्षेत्र के बड़ा बाईपास पर इकरार की 15 बीघा भूमि पर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसमें सड़क निर्माण और भूखंडों की प्लॉटिंग चल रही थी।
जनता को दी चेतावनी

इस दौरान टीम में शामिल अवर अभियंता अजीत साहनी, सीताराम, सहायक अभियंता रमन कुमार अग्रवाल, संयुक्त सचिव दीपक कुमार और अन्य प्रवर्तन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बुल्डोजर की मदद से निर्माण कार्य को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत की गई। बरेली विकास प्राधिकरण ने आम जनता को स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण पूरी तरह से अवैध है। यदि कोई व्यक्ति बिना स्वीकृति के भूखंड या मकान खरीदता है, तो भविष्य में होने वाले नुकसान का जिम्मेदार वह स्वयं होगा। ऐसे निर्माणों को कभी भी ध्वस्त किया जा सकता है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या भवन की खरीद से पहले उसका मानचित्र स्वीकृति प्रमाणपत्र प्राधिकरण से अवश्य प्राप्त करें। यदि मानचित्र स्वीकृत नहीं है, तो ऐसी संपत्ति की खरीददारी से परहेज करें, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई या आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
