बरेली : यूपी के बरेली जिले में एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आरोपी को उम्रकैद की सज़ा के साथ 20,000 का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। यह राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी, लेकिन यह राशि न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहेलियों के साथ गई थी खेलने
बरेली देहात की आंवला कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 नवंबर 2023 को आरोपी ऋषि पाल सिंह गांव की नाबालिग बच्ची को बहला फुसलाकर ले गया था। वह गांव के तालाब के पास बच्चियों के साथ खेल रही थी। बच्ची के घर न पहुंचने पर उसके परिजनों ने तलाश की। मगर, वह नहीं मिली। पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति के साथ राजपुर जंगल के पास पहुंचा, तो वह रो रही थी। इसकी शिकायत पुलिस से की।
आरोपी ने किया दुष्कर्म
सहेलियों के अनुसार जब लड़की नहीं लौटी, तो परिवार ने तलाश शुरू की। इसमें बाद पता चला कि आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर ले गया, और उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी भी दी। उसे धमकाया कि किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा।
कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास की सजा
पीड़ित पिता की सूचना पर आंवला कोतवाली पुलिस ने अपराध संख्या 549/2023 के तहत धारा 354/376 (2)(n)/377 आईपीसी, और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 में दर्ज किया। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर केस में चार्जशीट दाखिल की गई और अभियुक्त को जेल भेजा गया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), बरेली ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही पीड़िता के मानसिक और सामाजिक पुनर्वास के लिए 20,000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया। इसमें पुलिस अफसरों की मुख्य भूमिका रही है।
![]()
