लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद के उस विवादास्पद बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पहलगाम की पीड़ित महिलाओं के बारे में अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी की। अखिलेश यादव ने इस बयान की निंदा कर इसे भाजपा की “नारी विरोधी मानसिकता” का प्रतीक बताया और कहा कि यह बयान सिर्फ शर्मनाक नहीं, बल्कि वीभत्स है।
“निंदनीय शब्द तक को इस पर आपत्ति होगी”: अखिलेश यादव
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर कहा, “पहलगाम की पीड़ित महिलाओं के बारे में कहे गए भाजपा सांसद के इस कुत्सित बयान के लिए ‘निंदनीय’ शब्द लिखने से निंदनीय शब्द तक को आपत्ति होगी। नारी वंदना की जगह, नारी का अपमान, निंदा और हर संभव शोषण व उत्पीड़न करना ही भाजपा का असली चेहरा है, जो वीभत्स भी है और बेहद शर्मनाक भी।”उनके इस ट्वीट में गुस्सा और आक्रोश स्पष्ट झलकता है। उन्होंने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए लिखा:“भाजपा दल नहीं नारी विरोधी मानसिकता का दल-दल है।”
महिला सम्मान के मुद्दे पर विपक्ष का आक्रामक रुख
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा सांसद द्वारा महिलाओं के संदर्भ में दिए गए अमर्यादित बयान की देशभर में आलोचना हो रही है। सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने एक स्वर में इस बयान को वापस लेने और संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों और कथनी-करनी में अंतर की ओर संकेत करते हुए कहा कि “नारी वंदना” की बात करने वाली भाजपा, असल में महिलाओं का अपमान और उत्पीड़न करती है। उनका कहना है कि भाजपा की राजनीतिक संस्कृति में महिलाओं के सम्मान के लिए कोई वास्तविक स्थान नहीं है।
भाजपा की चुप्पी पर भी सवाल
सपा प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा नेतृत्व ऐसे अपमानजनक बयानों पर चुप क्यों रहता है। उन्होंने पूछा कि क्या यह चुप्पी भाजपा की सहमति का संकेत है? और क्या यह पार्टी की सोच और मानसिकता को उजागर नहीं करता?
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