मथुरा के धर्मपुरा गांव में दिल दहला देने वाली घटना,दिवाली पर बैनर लगाना बना हत्या की वजह, ग्राम प्रधान ताराचंद समेत पांच लोगों पर हत्या का केस
लखनऊ/ मथुरा : यूपी के मथुरा जिले के फरह थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुरा गांव में दो सगे भाइयों तिलक सिंह (35 वर्ष) और विनोद सिंह (33 वर्ष) की लाठी, डंडों और लोहे की सरियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक भाइयों के पिता बच्चन सिंह ने ग्राम प्रधान ताराचंद और उसके चार साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। दोनों भाई पीलूआ सादिकपुर के नगला बंजारा गांव के निवासी थे, लेकिन परिवार सहित पिछले दो साल से गोवर्धन की छोटी परिक्रमा क्षेत्र स्थित पंचमुखी मंदिर के पास रह रहे थे।
बिजली से शुरू हुआ विवाद, बना हत्या का कारण

मृतक तिलक सिंह
दोनों भाई अपने पुश्तैनी गांव धर्मपुरा पहुंचे थे। घर में बिजली न आने पर उन्होंने ग्राम प्रधान ताराचंद को फोन कर लाइनमैन भेजने का अनुरोध किया। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई और प्रधान ने जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण दोनों भाई गांव से बाइक पर निकल गए, लेकिन प्रधान और उसके गुर्गों ने नहर के पास घेरकर उन्हें बुरी तरह पीटा। गांववालों के पहुंचने पर हमलावर फरार हो गए। घायल भाइयों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां तिलक को मृत घोषित कर दिया गया और विनोद ने कुछ देर बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
राजनीतिक रंजिश बनी हत्या की जड़

मृतक विनोद सिंह
परिजनों के अनुसार, दिवाली के मौके पर दोनों भाइयों ने गांव में शुभकामनाओं का बैनर लगाया था। जिसे ग्राम प्रधान और उसके रिश्तेदार राजू ने अपनी राजनीतिक जमीन पर खतरा माना। राजू को आशंका थी कि दोनों में से कोई आगामी प्रधानी चुनाव में उसके खिलाफ खड़ा हो सकता है। इसी डर के कारण उन्होंने पहले ही धमकी दी थी कि अगर दोनों में से कोई गांव में नजर आया, तो उसे सबक सिखाया जाएगा।
जानें क्या बोले पुलिस अफसर
सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला बाइक से गिरने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिजनों का दावा है कि यह सोची-समझी साजिश है। फिलहाल पुलिस ने ग्राम प्रधान ताराचंद सहित पांच आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों शवों का पैनल पोस्टमार्टम कराया गया है।
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