बरेली : आस्था की यात्रा कब हादसे में बदल जाए, कोई नहीं जानता। रविवार को एकादशी के अवसर पर बरेली के मनोना धाम मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का सफर दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गया, जब बिशारतगंज थाना क्षेत्र में एक बेकाबू ई-रिक्शा बिजली के खंभे से टकराकर पलट गया।
मां और मासूम बेटे की मौत ने तोड़ा परिवार

इस हादसे में हरदोई जिले के थाना पाली गोपालपुर की निवासी 34 वर्षीय शोभा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बहन ललिता का दो वर्षीय बेटा मोक्ष उर्फ लड्डू इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ बैठा। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम का माहौल पसर गया।
कैसे हुआ हादसा? जानिए चश्मदीद का बयान
फर्रुखाबाद निवासी 22 वर्षीय शिवम तिवारी ने बताया कि वह अपनी बहन ललिता, शोभा, मोनू और दो वर्षीय भांजे मोक्ष के साथ मनोना धाम मंदिर दर्शन के लिए आए थे। लौटते समय सभी ई-रिक्शा में सवार थे, तभी तेज रफ्तार और नशे में धुत चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और ई-रिक्शा बिजली के पोल से टकरा कर पलट गया।
अन्य घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल हुए मोनू व ललिता को तत्काल बरेली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है। परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके हैं और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में जुटी है।
चालक नशे में था, पुलिस ने किया गिरफ्तार
मौके पर पहुंची पुलिस ने ई-रिक्शा चालक को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चालक शराब के नशे में था और वाहन तेज गति से चला रहा था, जिससे हादसा हुआ। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और विधिक कार्रवाई जारी है।
स्थानीय लोगों की नाराज़गी,’यह सड़क बन चुकी है हादसों का केंद्र’
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मनोना धाम मंदिर तक की सड़क पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा प्रबंध बढ़ाने की मांग की है।
गांव में मातम का माहौल, रोते-बिलखते परिजन
जब ये दुखद समाचार मृतकों के गांव पहुंचा, तो पूरा गांव स्तब्ध रह गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने हादसे को बेहद दुखद और प्रशासन की लापरवाही का नतीजा बताया।
