लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा, मंदिर, महिला सुरक्षा और लोकतंत्र के मूल्यों पर करारा प्रहार किया। राजधानी लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं और पीडीए (पीड़ित-दलित-अल्पसंख्यक) वर्ग की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “ये लोग पढ़ाई के खिलाफ हैं। क्योंकि, पढ़ा लिखा आदमी सवाल पूछता है, और अहंकारी लोग सवालों से डरते हैं।” अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए मंदिरों को लेकर भी विवादास्पद लेकिन स्पष्ट टिप्पणी की। बोले, “धरती पर इतने मंदिर किसी ने इकट्ठे नहीं तोड़े होंगे, जितने भारतीय जनता पार्टी ने तोड़ दिए।”
भाजपा में महिला उत्पीड़न बढ़ने का आरोप

सपा प्रमुख ने महिलाओं के मुद्दे पर कहा कि भाजपा शासन में महिलाएं असुरक्षित, उत्पीड़ित और उपेक्षित हैं। इसलिए महिलाएं अब भाजपा से दूरी बना रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में समाजवादी सरकार बनने पर महिलाएं लोकतांत्रिक क्रांति की धुरी बनेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि “पंचायती राज में आरक्षण लागू करने का काम समाजवादियों और नेताजी ने किया। अब महिला आरक्षण लागू होने पर संगठन की महिलाओं को चुनाव लड़ने के बड़े मौके मिलेंगे।”
ईवीएम पर भी उठाए सवाल, बैलेट पेपर की वकालत

उन्होंने कहा कि”आपका वोट बैलेट से ही डलना चाहिए। मशीन का बटन दबाने से गुस्सा नहीं निकलता। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने घोषणा की कि आगामी समाजवादी सरकार महिलाओं के लिए एक नई योजना – ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ लेकर आएगी, जो हर महिला के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बनेगी। इसमें हर प्रतिभावान को लैपटॉप और महिलाओं को स्मार्ट मोबाइल फोन। ‘पीडीए पाठशाला’ के माध्यम से कौशल विकास और रोजगार से जुड़ाव होगा। हर महिला को 3000 मासिक की प्रत्यक्ष समाजवादी सम्मान राशि दी जाएगी। गांव-गली तक पीडीए महिलाएं योजना का प्रचार करेंगी। यह योजना समाजवादी पार्टी की समाजवाद, समानता और समर्पण की नयी परिभाषा बनेगी।
शिक्षा, मंदिर और महिला सुरक्षा पर भाजपा को घेरा

उन्होंने बैलेट पेपर से मतदान की मांग की। 2027 की समाजवादी सरकार के विजन का खाका पेश किया। इसके साथ ही ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ का ऐलान किया। इस दौरान मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव,महिला सभा की राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम महिला पदाधिकारी मौजूद थीं।
