इटावा/लखनऊ : यूपी के इटावा ज़िले के दारापुर गांव में जातीय तनाव ने तूल पकड़ लिया है। विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई, जब कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथी संत सिंह यादव के साथ गांव में मारपीट की गई और कथित रूप से बाल मुंडवा दिए गए। आरोप है कि कथावाचक ने खुद को ब्राह्मण बताकर भागवत कथा शुरू की थी, लेकिन बाद में उनकी जाति को लेकर विवाद हो गया। यह घटना 21 जून की रात को हुई थी। इसके बाद गांव में तनाव फैल गया।
गगन यादव पर मामला दर्ज ‘अहीर रेजिमेंट’ की अपील बनी बवाल की वजह
इस घटना के बाद गगन यादव ने सोशल मीडिया के ज़रिए “अहीर रेजिमेंट” से जुड़े लोगों से गांव में इकट्ठा होने की अपील की। जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचे और पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो झड़प और पथराव शुरू हो गया। इस मामले में गगन यादव पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह एक पूर्व नियोजित उकसावे की साजिश हो सकती है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
अब तक 19 उपद्रवी गिरफ्तार किए गए हैं। इसमें कारें और सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। दारापुर और आस-पास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गंभीर नाराज़गी जताई है और कहा है कि जातीय वैमनस्य फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
