कानपुर/लखनऊ : उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को दिल दहला देने वाली घटना में एक महिला ने अपनी डेढ़ साल की मासूम बच्ची के साथ गंगा नदी में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों और गोताखोरों ने तत्परता दिखाते हुए मां-बेटी दोनों की जान बचा ली। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर एक महिला अपनी बच्ची के साथ गंगा बैराज के पास पहुंची और कुछ देर तक इधर-उधर टहलने के बाद अचानक नदी में कूद गई। महिला के छलांग लगाते ही वहां मौजूद कुछ लोगों ने शोर मचाया और तत्काल प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और करीब 15 मिनट के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों को बाहर निकाला गया।
महिला ने क्यों उठाया यह कदम?

रेस्क्यू के बाद जब शकुंतला को होश आया और उससे बात की गई तो उसने कहा, “अब जीने का मन नहीं करता, सब खत्म हो गया है।” महिला की मानसिक स्थिति बेहद कमजोर लग रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि घरेलू कलह और पति के साथ लगातार झगड़ों के कारण वह मानसिक तनाव में थी। उसने आरोप लगाया कि उसके पति और ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं और बेटी होने के कारण ताने भी देते हैं। महिला डेढ़ वर्षीय बेटी शिवासी और 8 वर्षीय साक्षी के साथ गंगा घाट पर पहुंची थी। मगर, साक्षी बाहर खड़ी रह गई और छोटी बेटी को लेकर छलांग लगा दी।
बेटी की हालत ठीक, मां को काउंसलिंग की जरूरत
गंगा में डूबने के दौरान बच्ची को काफी पानी लग गया था, लेकिन समय रहते बाहर निकाल लेने से उसकी जान बच गई। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची खतरे से बाहर है। महिला को भी शारीरिक रूप से कोई गंभीर चोट नहीं है, लेकिन वह गहरे मानसिक अवसाद में है।
प्रशासन ने की कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर घरेलू हिंसा और आत्महत्या के प्रयास की धाराओं में जांच शुरू कर दी है। महिला के पति और ससुराल पक्ष से पूछताछ की जा रही है। वहीं महिला और उसकी बेटी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें फिलहाल संरक्षण में रखा गया है।
![]()
