सपा प्रमुख का तंज “‘भाजपाई चंदा वसूली’ से बढ़ती है महंगाई! खोला BJP का राज!”
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महंगाई को लेकर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई की ‘चैंपियन’ बन चुकी है। खाद्य तेल पर आयात शुल्क में कटौती की घोषणा को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इसका लाभ सिर्फ उद्योगपतियों को न मिले, बल्कि आम जनता तक भी पहुँचना चाहिए।
“भाजपा पहले मुनाफाखोरी और चंदाखोरी खत्म करे”
पूर्व सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार पहले ‘मुनाफ़ाखोरी’ घटाए और ‘भाजपाई चंदाखोरी’ मिटाए, तभी महंगाई कम करने की बात करे। उन्होंने पूछा, “क्या यह आयात शुल्क में कटौती कुछ खास आयातकों और उत्पादकों के लाभ के लिए है? क्या आम उपभोक्ता को इसका कोई फायदा मिलेगा?”। उन्होंने आरोप लगाया कि खर्च घटने के बाद भी अगर खुदरा मूल्य नहीं घटता, तो साफ है कि नीति केवल चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए बनाई गई है।
“भाजपाई चंदा, जनता पर दोहरी मार”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा की राजनीतिक फंडिंग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा जब बड़ी कंपनियों से चंदा वसूलती है, तो वे कंपनियाँ उस राशि को उत्पादन लागत में जोड़कर जनता से वसूलती हैं। उन्होंने कहा “हर टैक्स और चंदा अंततः जनता से ही वसूला जाता है। भाजपा का चंदा, टैक्स के अलावा जनता पर दोहरी मार बनता है।”उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब अर्थशास्त्रियों को विक्रय मूल्य में ‘भाजपाई चंदा वसूली’ जोड़ने का नया गणितीय फॉर्मूला तैयार करना चाहिए।
“भाजपा की सोच में नहीं है दाम बंदी”
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की कारोबारी मानसिकता में महंगाई नियंत्रण जैसी कोई भावना कभी रही ही नहीं है। उन्होंने भाजपा शासन को मुनाफ़ाख़ोर सत्ता बताते हुए कहा कि जब तक नीयत साफ नहीं होती, तब तक जनहित के फैसले नहीं लिए जा सकते।
“गरीब की थाली से तेल गायब!”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि भाजपा की नीतियों के चलते गरीब की थाली से तेल ही गायब हो जाए। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में आयात शुल्क में कटौती जनता के हित में है, तो कुछ ही दिनों में खुदरा दामों में कमी आनी चाहिए। नहीं तो, जनता खुद सड़कों पर भाजपाइयों के घर के बाहर तेल के खाली डिब्बे बजाएगी।
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