लखनऊ : सपाइयों ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर प्रदेश भर में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया। पार्टी मुख्यालय लखनऊ सहित सभी जनपदों में श्रद्धा और सम्मान के साथ इस महान महिला शासिका को याद किया गया। राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित समारोह में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने रानी अहिल्याबाई के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।
अखिलेश यादव ने किया रानी अहिल्याबाई को शत-शत नमन
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रानी अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में एक संदेश जारी करते हुए कहा कि “भगवान शिव की अनन्य भक्त, प्रेम, समर्पण और करुणा की प्रतीक रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासनकाल मालवा का स्वर्णकाल था। उनका पूरा जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित रहा। उनकी न्यायप्रियता, दूरदृष्टि और सुशासन की मिसाल आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने यह भी कहा कि रानी अहिल्याबाई ने सामाजिक सुधारों की दिशा में साहसिक कदम उठाए। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार, विधवा विवाह की स्वीकृति और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
कार्यक्रम में यह थे मौजूद
लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मुख्य रूप से सांसद आरके चौधरी, राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी,पूर्व सांसद अरविन्द कुमार सिंह, समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह, अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल इन सभी ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से लोकमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अपने संदेश में ल अखिलेश यादव ने रानी अहिल्याबाई द्वारा महेश्वर को कला, संस्कृति, शिक्षा और साहित्य का केन्द्र बनाए जाने को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने 130 से अधिक तीर्थस्थलों एवं पवित्र नदियों के घाटों का निर्माण कार्य कराकर भारत की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रदेश भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
प्रदेश के सभी जनपदों में पार्टी के जिला संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए गए। लखनऊ में प्रमुख उपस्थित लोगों में शामिल रहे। इसमें सीएल वर्मा, जयसिंह जयंत, शब्बीर खान,जानकी पाल, जान्हवी यादव, डॉ. सरोज यादव, विजय सिंह मून, मनोज पाल, राम सेवक पाल, सुरेश पाल, त्रिवेणी पाल, अनुराग पाल, रामू पाल, अनुपम पाल,राम नरेश पाल, इं. राज सिंह यादव, शैलेन्द्र यादव, संजय यादव, दिनेश सिंह, विपिन पाल, मुन्ना पाल, श्लोक पंवार, मालती यादव, अनंत सिंह पाल, मेहनाज खान, बृजेश सिंह बैचलर, दिलीप पाठक एडवोकेट, राजामान सिंह, शोभित वर्मा, डीआरएस यादव, सिकंदर यादव, आकाश यादव, बीनू यादव, अनुज निषाद, रितेश यादव, राजबरन रावत, बेनी पाल, प्रभुदयाल, अवधेश पाल और सुमित पाल आदि मौजूद थे। सभी ने रानी अहिल्याबाई के आदर्शों को याद करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
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