बरेली : यूपी के बरेली में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे), कक्ष संख्या सात तबरेज अहमद की अदालत ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में महिला के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाकर इंसाफ की बड़ी मिसाल पेश की। कोर्ट ने आरोपी अजय उर्फ मटरू को आजीवन कारावास और 50,000 रूपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। मगर, इस मामले में आरोपी की सास और दोनों जेठ को बरी कर दिया गया है। रामलाल ने अपनी बेटी शिवानी की शादी शीशगढ़ थाना क्षेत्र के कनकटी गांव निवासी अजय उर्फ मटरू के साथ 28 फरवरी, 2019 को की थी। मगर, आरोपी पति दहेज में बाइक के लिए प्रताड़ित करने लगा। पीड़िता के परिजनों ने कई बार समझाने की कोशिश की। मगर, वह नहीं माना। आरोपी ने 20 मार्च, 21 को मारपीट की। इसके बाद कमरे में बंद कर डिब्बी से आग लगा दी। उसको इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मगर, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बाइक के लिए किया था उत्पीड़न
यह दिल दहला देने वाला मामला दहेज में बाइक न मिलने के कारण उत्पीड़न से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी पति अजय उर्फ मटरू लगातार पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। घटना वाले दिन उसने अपनी पत्नी को पहले पीटा और फिर कमरे में बंद कर डिब्बी से आग लगाकर जला दिया। पीड़ित पत्नी शिवानी को गंभीर हालत में इलाज को भर्ती कराया गया। मगर, इलाज के दौरान 20 मार्च, 2021 को दम तोड़ दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता राजेश्वरी गंगवार और अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता गोविंद सिंह ने पक्ष रखा।
सास और जेठों को अदालत ने किया बरी
इस मामले में मृतका के पति के साथ सास नीरज, और दो जेठ राहुल और कुंवर पाल भी आरोपी बनाए गए थे। मगर, अदालत में ठोस साक्ष्य के अभाव के कारण तीनों को बाइज्जत बरी कर दिया गया। अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे), तबरेज अहमद बरेली की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
एक साल पहले हुई थी शादी
पीड़िता की शादी 28 फरवरी, 2019 को हुई थी। शादी को सिर्फ एक साल ही हुआ था। ससुराल में दहेज के लिए उत्पीड़न की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं। मगर, महिला की दर्दनाक मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया। इस मामले में पीड़िता के पिता रामलाल ने शीशगढ़ थाने में अपराध संख्या 259/19 के तहत धारा 498ए, 323,304, 506, और 302 में मुकदमा दर्ज किया गया था। मायके पक्ष ने पुलिस में शिकायत की थी। इस पर कार्रवाई कर पुलिस ने पति को गिरफ्तार किया था।
कानूनी दृष्टिकोण से अहम फैसला
इस मामले में अदालत का यह फैसला दहेज हत्या के मामलों में न्याय दिलाने की दिशा में एक सख्त संदेश है। भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 304B (दहेज मृत्यु) के तहत अदालत ने सुनवाई की। कोर्ट ने माना कि आरोपी पति के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद थे और उसने जानबूझकर पत्नी को जिंदा जलाया। मृतका के परिजनों ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताया। उन्होंने कहा, “बेटी को तो नहीं बचा सके, लेकिन कोर्ट ने न्याय दिया, अब उसकी आत्मा को शांति मिलेगी।”
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