एक प्रमुख अफसर के आए बचाव में, परिवार पर अभद्र टिप्पणियों पर केंद्र की चुप्पी को बताया निंदनीय
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। एक सशक्त बयान जारी कर उन्होंने कहा कि “निर्णय तो सरकार का होता है, किसी अधिकारी का नहीं।” उनका बयान ऐसे समय आया है जब देश के एक प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिकारी और उनके परिवार को सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक पोस्ट्स का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार और सत्तारूढ़ दल की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
“भाजपा सरकार की चुप्पी संलिप्तता मानी जाएगी” : अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा कि“यह बेहद संवेदनशील, निंदनीय, शर्मनाक, आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि देश के एक बहुत बड़े अधिकारी और उसके परिवार के खिलाफ कुछ असामाजिक-आपराधिक तत्व सरेआम अपशब्दों की सारी सीमाएं पार कर रहे हैं।”उन्होंने केंद्र सरकार से स्पष्ट पूछा कि यदि सरकार इन पोस्ट्स से सहमत नहीं है, तो इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की घटनाओं को मौन समर्थन दे रही है।
ईडी-सीबीआई से जांच की मांग
सपा प्रमुख ने मांग की कि सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक ट्रांजैक्शन, ई-पेमेंट माध्यमों की विस्तृत जांच हो। ईडी, सीबीआई, साइबर एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई में लगाया जाए। यह पता लगाया जाए कि इन राष्ट्रविरोधी तत्वों के पीछे कौन-सी ताकतें काम कर रही हैं।
भाजपा सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार के दोहरे मापदंडों की ओर इशारा करते हुए कहा कि: “जो सरकार छोटी-छोटी बातों पर प्रतिष्ठित यूट्यूब चैनल्स को बंद कर देती है, वो ऐसे ज़हरीली पोस्ट्स के खिलाफ चुप क्यों है?”। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह सब भाजपा की रज़ामंदी के बिना हो रहा है, तो यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
24 घंटे में कार्रवाई की मांग
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सीधी चेतावनी दी है कि अगर सरकार 24 घंटे में कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो देश की जनता को यह समझने में देर नहीं लगेगी कि इन लोगों को बचाया कौन रहा है और क्यों।
