नई दिल्ली : किसान संघर्ष समिति ने एक प्रेस नोट जारी कर वरिष्ठ समाजसेविका लैला कबीर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। वह कैंसर से लंबे समय से पीड़ित थीं और अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनकी अंत्येष्टि (अंतिम संस्कार) 16 मई यानी आज 2025 को सुबह 11:30 बजे, ग्रीन पार्क क्रेमेटोरियम, नई दिल्ली में संपन्न होगा। लैला कबीर न सिर्फ प्रसिद्ध नेता जॉर्ज फर्नांडिस की पत्नी थीं, बल्कि स्वयं एक प्रभावशाली और समर्पित समाजसेविका रहीं। वे वर्षों तक इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी से जुड़ी रहीं और असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया। सामाजिक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अंतिम समय तक बनी रही। डॉ. सुनीलम, किसान संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात लैला कबीर से उस समय हुई, जब वह दिल्ली में पीएचडी के लिए आए थे और लैला जी 26-तुगलक क्रेसेंट में निवास करती थीं। तब से लेकर कई वर्षों तक समय-समय पर उनका संपर्क बना रहा।
कठिन समय में भी कर्तव्यों का किया पालन
पूर्व विधायक एवं किसान संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ.सुनीलम बताते हैं कि लैला कबीर ने कठिन समय में भी अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा से किया। विशेष रूप से जॉर्ज फर्नांडिस की बीमारी के समय, उन्होंने वर्षों तक उनकी सेवा की और उनके अंतिम समय तक साथ रहीं। जॉर्ज फर्नांडिस का निधन भी उनके पंचशील पार्क स्थित निवास पर हुआ था, जहां उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।
पहले शिक्षा मंत्री थे पिता

लैला जी और जॉर्ज फर्नांडिस का विवाह 22 जुलाई 1971 को हुआ था। उनके पिता हुमायूं कबीर, स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे। 1975 में आपातकाल के दौरान जब 25 जून को इमरजेंसी लागू की गई, तब दोनों उड़ीसा में थे। जॉर्ज फर्नांडिस भेष बदल कर भूमिगत हो गए और लैला कबीर अपने बेटे के साथ अमेरिका चली गईं। आपातकाल समाप्त होने के बाद वे भारत लौटीं। उनके पुत्र शीन फर्नांडिस, जो इस समय अमेरिका में रहते हैं, उनके परिवार का इकलौता वारिस हैं।
संघर्ष और सामाजिक कार्यों को किया याद

किसान संघर्ष समिति तथा सभी सामाजिक संगठनों की ओर से लैला कबीर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उनका जीवन सामाजिक कार्य, सेवा, और त्याग का प्रतीक था, जिसकी प्रेरणा लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी। डॉ. सुनीलम ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
