समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ ने आयोजित किया “स्वाभिमान – स्वामान समारोह”, बोले, बाबा साहब ने दिया सबको सम्मान
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी के नेतृत्व में यूपी के सभी जनपदों में 8 अप्रैल से 14 अप्रैल, 2025 तक बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में “स्वाभिमान-स्वामान समारोह” का सफल आयोजन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बाबा साहब के मिशन, उनके विचारों और संविधान के मूल्यों को आम जनता तक पहुंचाना था। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक न्याय के प्रति जागरूक नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की।।प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी ने कहा कि “बाबा साहब ने जो संविधान हमें दिया है। उससे बढ़कर हमारे लिए कोई सम्मान नहीं है। संविधान ही हमारी ताकत है, हमारी ढाल है। अब यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि इस संविधान को बचाने के लिए सतत संघर्ष करें।”
भाजपा पर संविधान की भावना के विपरीत कार्य करने का आरोप
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा ने संविधान की भावना के खिलाफ कार्य किया। लोकतंत्र को कमजोर किया और पीडीए वर्ग के आरक्षण को छीना, लेकिन देश की जनता ने लोकतंत्र की ताकत दिखा दी और लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराया। समाजवादी पार्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यह जनादेश संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए है।”
बाबा साहब के दिखाए रास्ते पर चलने की शपथ
उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों में समाजवादी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शपथ ली कि वे बाबा साहब के दिखाए गए रास्ते पर चलेंगे, सामाजिक भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेंगे और सामाजिक न्याय की स्थापना करेंगे। चंद्रशेखर चौधरी ने कहा कि “समाजवादियों को संविधान और कानून का सहारा लेकर आगे बढ़ना है। समाजवादी सरकार आने पर कानून का राज कायम होगा और अपराधियों को सजा दिलाई जाएगी। पीडीए परिवार ने हर परिस्थिति में समाजवादियों का साथ दिया है और आगे भी हमारा यह साथ अटूट रहेगा।”
सभी की मेहनत की सराहना
समारोह की सफलता के लिए चंद्रशेखर चौधरी ने समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के सभी प्रदेश पदाधिकारियों, जिला और महानगर अध्यक्षों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही बाबा साहब के संविधान को बचाने का संकल्प लिया।
