मृतकों को दैवी आपदा के तहत चार-चार लाख का मिलेगा मुआवजा
बरेली : यूपी के बरेली में शुक्रवार की रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने तबाही मचा दी। तेज हवाओं के साथ आई बारिश से देवरनियां थाना क्षेत्र के दो गांवों में मकान और झोपड़ी गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए। आंधी से पूरे क्षेत्र में 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग पानी के लिए तरसते रहे। आंधी-तूफान का सबसे बड़ा असर बरेली देहात के देवरनियां थाना क्षेत्र के उदरा गांव में देखने को मिला। यहां कृष्ण पाल (50 वर्ष) के कच्चे मकान का छज्जा गिरने से उनकी मौत हो गई। इस हादसे में उनकी पत्नी रुपा देवी और पुत्र भरत गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के अन्य सदस्यों और ग्रामीणों ने मिलकर तीनों को मलबे से बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बसन्तनगर जागीर गांव में झोपड़ी गिरने से बुजुर्ग की जान गई
दूसरी दर्दनाक घटना गांव बसन्तनगर जागीर की है। यहां रामचरन लाल (63 वर्ष) के घर की झोपड़ी तेज आंधी में गिर गई। वह मलबे के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र संजय कुमार ने बताया कि यह एक अचानक हुआ हादसा है। जिसमें किसी की कोई गलती नहीं है।
प्रशासन हरकत में, 8 लाख की आर्थिक मदद मंजूर
घटना की सूचना पर कार्यवाहक थाना प्रभारी रामवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना की गंभीरता को देखकर एसडीएम बहेड़ी रात्निका श्रीवास्तव ने तुरंत संज्ञान लिया।
बसन्तनगर में तहसीलदार बहेड़ी भानू प्रताप और गांव उदरा में नायब तहसीलदार शोभित चौधरी ने मौके पर जाकर जांच की। एसडीएम रात्निका श्रीवास्तव ने बताया कि “जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर दैवी आपदा राहत कोष से दोनों मृतक परिवारों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है।”
बिजली गुल, लोग परेशान
तेज आंधी के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 घंटे तक बिजली गुल रही। पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कई जगहों पर लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे जलापूर्ति भी ठप रही। शहरवासियों और ग्रामीणों को पीने के पानी तक के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ा।
