“यूपी को दलित उत्पीड़न में बताया नंबर 1, बीजेपी की 400 सीट आने पर सड़कों पर लहरती तलवारें”
बोले, वक्फ बिल के हम खिलाफ, भाजपा को बताया भी माफिया पार्टी
महाकुंभ में झूठे आंकड़ों से जनता को गुमराह कर रही है योगी सरकार: अखिलेश
लखनऊ / प्रयागराज : यूपी के इलाहाबाद (प्रयागराज) में रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महाकुंभ आयोजन को लेकर योगी सरकार पर झूठा प्रचार करने और वास्तविक सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव शहर के सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के यहां आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित उत्पीड़न में यूपी नंबर 1 है। जातीय आंकड़े देते हुए कहा, “आगरा में कुल पोस्टिंग हैं 48, पीडीए 15 बाकी सब सिंह भाई। मैनपुरी में 15 पोस्टिंग हैं, पीडीए तीन, सिंह भाई 10 हैं। प्रयागराज का भी इसी तरह का आंकड़ा होगा।” उन्होंने कहा कि दो चीजें हम लोगों को पता हैं, एक तो डीजीपी कार्यवाहक होगा, दूसरा सिंह होगा।
“पूरी भाजपा सरकार ही बन चुकी है प्रोपेगेंडा मशीन”

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि अब एक प्रचार संस्था बन चुकी है। बोले, “पहले किसी सरकार में कोई एक मंत्री प्रोपेगेंडा करता था, लेकिन अब पूरी भाजपा सरकार ही प्रोपेगेंडा पर चल रही है। यह सरकार ‘तीस मार खां’ बन चुकी है, हर आंकड़े में 30 घुसा देती है।” उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के उस बयान की आलोचना की। जिसमें दावा किया गया था कि महाकुंभ में 100 करोड़ लोगों की व्यवस्था की गई है। सपा प्रमुख ने कहा “यह दावा पूरी तरह से हवा हवाई है। सच्चाई यह है कि व्यवस्थाएं बदहाल थीं, लेकिन प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी गई।”
“400 सीटें आती, तो सड़कों पर तलवारें लहरातीं”
सपा नेता ने कहा कि इन्होंने संगम नौज की भगदड़ में मारे गए लोगों की संख्या नहीं बताई। मगर, मृत्यु के कारण को बदलने के लिए इन्होंने परिजनों पर दबाव बनाया. कुंभ में गुम हुए हजारों लोगों का आज भी पता नहीं है। महाकुंभ को लेकर क्या तैयारी थी, कितना पैसा खर्चा हुआ, हिसाब कहां हैं ? बीजेपी धार्मिक उन्माद बढ़ा रही है। सरकार विभाजन कर रही है, डिवाइड करने के लिए फंड लगाती है। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि अगर इनकी 400 सीटें आती तो सड़कों पर तलवारें लहरातीं। उन्होंने औरंगजेब को लेकर बात करते हुए कहा कि इतिहास को इतिहास रहने दीजिए उस पर चर्चा मत करिए। सपा की कोशिश है कि सब मिलकर काम करें। हम ने पीडीए को मजबूत किया। हमारे दलित पर सबसे ज्यादा उत्पीड़न, प्रयागराज में दलित की जान ले ली गई, जगह जगह पर सुनने में आता है दलितों की हत्या कर दी गई, कानून राज के साथ सामाजिक न्याय हो। दलित और महिला उत्पीड़न में यूपी नंबर 1 है। हमारा धर्म हमें टॉलरेंस सिखाता है।
“हम सुझाव देते रहे, भाजपा आलोचना समझती रही”
सपा प्रमुख ने कहा कि सपा ने 2013 में सफल महाकुंभ आयोजन किया था, और उस अनुभव के आधार पर उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मौजूदा सरकार को कई सुझाव भी दिए, लेकिन भाजपा ने हर सलाह को आलोचना मानकर उसे नकार दिया। “भाजपा सरकार के भीतर इतना अहंकार है कि ये अच्छी सलाह को भी बुरा मानते हैं। 2025 के महाकुंभ की तैयारियों में भी यही रवैया दिखा।”
“महाकुंभ के आंकड़ों की हो सकती है निष्पक्ष जांच”
उन्होंने सुझाव दिया कि महाकुंभ के आयोजन से जुड़े सरकारी आंकड़ों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि “सरकार ने जो आंकड़े बताए, वे पूरी तरह से झूठे और गढ़े गए हैं। इस पर स्वतंत्र स्टडी कराई जानी चाहिए।”
बोले, हम वक्फ बिल के खिलाफ
- वक्फ बिल को लेकर सपा प्रमुख ने कहा कि हम वक्फ के खिलाफ हैं, बीजेपी छीनने की राजनीति करती है। जैन धर्म के लोग आंदोलित हैं। बीजेपी ने मंदिर की जमीन छीनी। वक्फ जमीन छीनने के लिए यह संशोधन आया है , बीजेपी को भू माफिया पार्टी बताया।
“भाजपा के पास काम नहीं, केवल प्रचार है”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की भी चर्चा की और कहा कि “भाजपा को काम करना नहीं आता, केवल प्रचार करना आता है। यही वजह है कि महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन का भी राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।”
पूर्व सीएम ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि दलित उत्पीड़न के मामलों में यूपी सबसे आगे है। प्रदेश में कमजोर वर्गों को न्याय नहीं मिल रहा है। अखिलेश यादव ने बीजेपी को स्वामी विवेकानंद के विचारों से सीखने की नसीहत दी। उन्होंने बिना नाम लिए सीएम योगी पर निशाना साधा। बोले कोई वस्त्र से नहीं, विचारों से योगी बनता है।
