पुलिस ने की मध्यस्थता, नहीं निकला हल
लखनऊ/ एटा : उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में उस समय एक निकाह खुशी की जगह विवाद का केंद्र बन गया, जब जूता चुराई की रस्म के दौरान दूल्हा-दुल्हन पक्ष में ऐसा विवाद हुआ कि बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई। यह मामला एटा के राजा का रामपुर थाना क्षेत्र के लुहारी गवी गांव का है, जहां शनिवार को कासगंज जनपद के विटोना गांव से बरात आई थी।
निकाह के बाद रस्म में फंसी बात
पीड़िता पिता बेटी की शादी की तैयारियां लंबे समय से चल रही थीं। शनिवार को मौलवी द्वारा निकाह की रस्म पूरी कराई गई और विदाई की तैयारी की जा रही थी। लेकिन दूल्हा तालिब की साली द्वारा की गई जूता चुराई की रस्म विवाद का कारण बन गई। दुल्हन की छोटी बहन ने रस्म के अनुसार 1000 रुपये की मांग की, लेकिन दूल्हे ने केवल 200 रुपये ही थमाए। जब और रकम की बात उठी तो दूल्हे के पिता शाकिब खान ने कहा कि “जूता पहले पहनाओ, फिर पैसा मिलेगा।” बात यहीं नहीं रुकी, वर पक्ष की महिलाओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी भी दे डाली।
डिक्की में डालकर ले जाने और ‘काटने’ की धमकी
लड़की के पिता ने बताया कि लड़के की मां ने कहा कि दुल्हन को डिक्की में डालकर ले जाएंगे, जबकि लड़के की बहन ने कथित तौर पर कहा कि “घर ले जाकर काट देंगे।” यह सुनकर दुल्हन पक्ष भयभीत हो गया और विदाई रोक दी गई।
पुलिस ने की मध्यस्थता, नहीं निकला हल
विवाद बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई। रात भर पंचायत चलती रही और कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। CO अलीगंज ने मीडिया को बताया, “मामला संज्ञान में है, पुलिस मौके पर गई थी, लेकिन किसी भी पक्ष से अब तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। यदि तहरीर मिलती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
बिना दुल्हन के लौट गई बरात
रविवार दोपहर तक जब विवाद का कोई हल नहीं निकला तो बरात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। इस पूरी घटना ने दुल्हन पक्ष को मानसिक आघात पहुंचाया है। पीड़ित ने कहा, “हमने अपनी हैसियत से बढ़कर शादी की, लेकिन हमें अपमान और धमकी मिली। हमने हाथ जोड़कर माफी भी मांगी, फिर भी हमारी बेटी की विदाई नहीं हो सकी।”
