बरेली : देश में बढ़ती नफरत और आपसी विभाजन की चिंताओं के बीच, मरकज़-ए-अहले सुन्नत दरगाहे आला हज़रत, बरेली शरीफ से एक अहम अपील जारी की गई है। नबीरा-ए-आलाहज़रत, खलीफा-ए-मुफ्ती-ए-आज़म और खतीबे आज़म हज़रत अल्लामा तौसीफ रज़ा खान (तौसीफे मिल्लत) ने सभी भारतीय खानकाहों के नाम एक विशेष संदेश देते हुए देशवासियों से आपसी मोहब्बत, भाईचारा और सौहार्द बढ़ाने का आह्वान किया। अल्लामा तौसीफ रज़ा खान ने दरगाह-ए-आला हज़रत पर एक महत्वपूर्ण बैठक में अहले सुन्नत के ज़िम्मेदारान को संबोधित करते हुए कहा कि “देश में भड़कती नफरत की आग को खानकाही प्यार और मोहब्बत के छींटों से ही बुझाया जा सकता है।”
खानकाहों ने बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा

उन्होंने याद दिलाया कि भारत में हमेशा से खानकाहों ने बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा की है। हमारे बुजुर्गों ने अपनी खानकाहों के दरवाजे हर मजहब, हर जाति के लिए खोले रखे और दुआ, तावीज और मदद के जरिए लोगों के दिलों में मोहब्बत और विश्वास पैदा किया।
राजनीति के नाम पर नफरत फैलाने वालों पर निशाना
तौसीफे मिल्लत ने चिंता जताकर कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें अंग्रेजों के “फूट डालो और राज करो” के फार्मूले को दोहराते हुए समाज में जहर घोलने का काम कर रही हैं। ऐसे लोग देश के दुश्मन हैं,जो भारत की एकता और अखंडता को कमजोर करना चाहते हैं।
खानकाहों को फिर से लेनी होगी कमान
उन्होंने देशभर की सभी खानकाहों और मस्जिदों के इमामों से अपील की कि वे आगे आकर जमीनी स्तर पर काम करें। जुमे के खुतबों (शुक्रवार के संबोधनों) में भाईचारे और प्रेम का संदेश दें। उच्च आचरण और नेक किरदार से लोगों के दिलों में विश्वास पैदा करें। नफरत फैलाने वालों की साजिशों को नाकाम करें। अंत में अल्लामा तौसीफ रज़ा खान ने देश के तमाम नागरिकों, विशेष तौर पर युवाओं से अपील की कि वे नफरत के खिलाफ एकजुट हों और अपने देश को प्रेम, भाईचारे और एकता का मजबूत गढ़ बनाएं।
