बरेली-मुरादाबाद मंडल में जल जीवन मिशन और नमामि गंगे की प्रगति की समीक्षा, सभी निर्माण कार्यों की DPR 31 मई तक प्रस्तुत करने के निर्देश
बरेली : प्रबंध निदेशक नमामि गंगे एवं जल निगम (ग्रामीण) डॉ. राजशेखर की अध्यक्षता में बरेली/मुरादाबाद मंडल में जल जीवन मिशन और नमामि गंगे कार्यक्रम की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक बरेली कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जलापूर्ति और गुणवत्ता पर विशेष जोर
प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने निर्देश दिए कि जिन घरों में जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। वहां नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्री-मानसून अवधि में पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि जनता को शुद्ध पेयजल मिल सके। “किसी भी क्षेत्र से यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि पानी गंदा आ रहा है, या कई दिनों तक सप्लाई नहीं हो रही,”
DPR और परियोजना प्रगति पर सख्त निर्देश
31 मई 2025 तक सभी निर्माण कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जमा करने के निर्देश दिए। सभी जिलों में 24 और 25 मई को केंद्र और राज्य स्तर के नोडल अधिकारियों द्वारा निरीक्षण होगा। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर कार्यदायी एजेंसियों के भुगतान में कटौती की जाएगी।
ओवरहेड टैंक निर्माण में आ रही बाधाएं
समीक्षा में पाया गया कि कुछ जिलों में ओवरहेड टैंक का कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है। इसमें बरेली के दो स्थानों पर भूमि उपलब्ध नहीं और एक स्थान बाढ़ क्षेत्र में है। बदायूं में चिन्हित भूमि पर हाईकोर्ट का स्टे होने की बात सामने आई। पीलीभीत में भूमि वन विभाग क्षेत्र में, NOC लंबित है। शाहजहांपुर में एक स्थान आर्मी एरिया के निकट, दूसरा नगर निगम की प्रस्तावित भूमि।
एमडीआर और ओडीआर सड़कों की मरम्मत अनिवार्य
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने निर्देश दिए कि जहां-जहां सड़कों की कटिंग हुई है। वहां रेस्टोरेशन कार्य अविलंब पूरा कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त हो।
कार्यदायी एजेंसियों की जवाबदेही तय
मुरादाबाद मंडल में 5 जनपदों में कार्यरत 5 एजेंसियों के कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा। पुराने पंप यदि कार्यरत हैं तो एजेंसियां उन्हें टेकओवर करें। आंशिक रूप से सक्रिय परियोजनाओं को पूर्णतः सक्रिय करने की कार्य योजना और DPR भी 31 मई तक प्रस्तुत करनी होगी। नॉन फंक्शनल परियोजनाओं की भी DPR तैयार कर प्रस्तुत करें।एसटीपी निर्माण में देरी पर कार्रवाई। मुरादाबाद के अधीक्षण अभियंता ने शिकायत की कि एसटीपी (STP) कार्य में एजेंसी सुस्ती दिखा रही है। इस पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता जरूरी है। जनप्रतिनिधियों की फील्ड विजिट अनिवार्य रूप से कराई जाए। उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण हो। फील्ड विजिट की फोटो/वीडियो पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। यदि निरीक्षण रिपोर्ट लंबित है तो अगले दिन तक जारी की जाए।
जनजागरूकता और पानी के संरक्षण पर दिया बल
बैठक में “लोगों को जागरूक करें कि यह उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल है। इसे पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल करें, न कि पशुओं को नहलाने या बर्बाद करने में।
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