नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीख घोषित कर दी है। आयोग के अनुसार यह चुनाव 18 जून 2026 को कराया जाएगा। जैसे ही तारीखों की घोषणा हुई, संबंधित राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यह चुनाव भारतीय संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा की संरचना को प्रभावित करेगा।
इन 10 राज्यों में होंगे चुनाव, सबसे ज्यादा 4-4 सीटें आंध्र, गुजरात और कर्नाटक में
चुनाव आयोग के अनुसार जिन राज्यों में राज्यसभा चुनाव होंगे उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर मतदान होगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटें, झारखंड में दो सीटें और बाकी चार राज्यों में एक-एक सीट पर चुनाव कराए जाएंगे। इस प्रक्रिया के बाद राज्यसभा में नए सांसदों का प्रवेश होगा।
खरगे, दिग्विजय और देवोगौड़ा समेत कई दिग्गज होंगे रिटायर
इस चुनाव में कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवोगौड़ा जैसे वरिष्ठ नेता राज्यसभा से सेवानिवृत्त होंगे। इसके अलावा राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, नीरज डांगी और अन्य सांसदों की सीटें भी खाली होने जा रही हैं। इन बड़े नेताओं के रिटायर होने से राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और पार्टियों के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है।
नामांकन 1 जून से शुरू, मतदान में बैंगनी स्केच पेन का होगा इस्तेमाल
चुनाव आयोग ने पूरा कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। अधिसूचना 1 जून को जारी होगी, जबकि उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 18 जून को कराया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराया गया बैंगनी रंग का विशेष स्केच पेन ही इस्तेमाल किया जाएगा। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
