लखनऊ/कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कलक्टरगंज थाना क्षेत्र स्थित गल्ला मंडी में मंगलवार को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। संकरी गलियों में फैली इस आग ने कुछ ही मिनटों में 50 से अधिक दुकानों और गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि 20 से अधिक वाहन जलकर राख हो गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
भीषण लपटें, दूर तक दिखा काला धुंआ

आग ने शुरुआत में ही तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही पूरे इलाके में घना काला धुआं छा गया और लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर से नजर आ रही थीं। आग की चपेट में आकर आस-पास के गोदाम, दुकानें, ऑटो, ई-रिक्शा, स्कूटी और कारें पूरी तरह जल गईं।
धमाके और आग से कांपा इलाका

आग के बीच लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। बताया जा रहा है कि कुछ केमिकल ड्रम, मोबिल ऑयल कंटेनर, बैटरियां और सिलेंडर फटने से धमाके हुए, जिससे आग और भड़क गई। आग पर काबू पाने में दमकल की 10 से अधिक गाड़ियां और पुलिस का भारी बल तैनात रहा।
चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू

संकरी गलियों और धुएं की अधिकता के कारण फायर ब्रिगेड को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन फायर ब्रिगेड ने चारों ओर से घेराबंदी कर करीब 7 बजे शाम तक आग पर काबू पा लिया। राहत कार्य देर रात तक जारी रहा।
व्यापारियों को हुआ भारी नुकसान, 50 करोड़ से अधिक का अनुमान

भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने मीडिया को बताया कि शुरुआती अनुमान के अनुसार, 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। गल्ला मंडी में स्थित थोक किराना, तेल, अनाज, बैटरी, प्लास्टिक और केमिकल की दुकानें जलकर राख हो गई हैं।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग एक चार्जिंग स्टेशन और केमिकल गोदाम के पास भड़की थी। अग्निशमन विभाग और पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आठ लोग झुलसे, कई को सांस लेने में दिक्कत
ज्ञानेश मिश्र के अनुसार, हादसे में आठ लोग झुलस गए। जिनमें अधिकतर दुकानों में काम करने वाले मजदूर हैं। इसके अतिरिक्त कई लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोई भी मौत की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
भीड़ को हटाने में लगी रही पुलिस
हादसे के बाद पूरे इलाके में हजारों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहायता के लिए कई बार हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और एसएसपी ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
