बरेली-बदायूं से जुड़ा बहुचर्चित घोटाला, बीजेपी नेता सूर्यकांत मौर्य और भाई शशिकांत पर संगीन आरोप, निवेशकों में आक्रोश
बदायूं/बरेली : उत्तर प्रदेश में एक और बड़े आर्थिक घोटाले ने तूल पकड़ लिया है। अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी में सैकड़ों निवेशकों की जमा करोड़ों रुपये की रकम फंसने के मामले में एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन कर दिया गया है। इस प्रकरण में भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य, उनके भाई व कंपनी निदेशक शशिकांत मौर्य समेत पांच लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली, बदायूं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मुकदमा बदायूं निवासी अशद अहमद खान की तरफ से रविवार देर रात भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 316(2), 338, 340 (2), 352, 351(2) में हुआ है।
जनवरी में शुरू हुआ विवाद, फरवरी में भड़का गुस्सा
निवेशकों को भुगतान न मिलने की शिकायतें जनवरी 2025 से शुरू हुई थीं। फरवरी में जब लोगों का धैर्य टूटा, तो जमकर प्रदर्शन हुआ और हालात संभालने के लिए PAC तैनात करनी पड़ी। इसके बावजूद, प्रभावशाली नामों के कारण पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगता रहा।
कंपनी ऑफिस बंद, गेट पर लगा अजीब नोटिस
शुक्रवार से लगातार तीन दिन तक कंपनी का ऑफिस बंद रहा। रविवार को जब निवेशक मीरा सराय स्थित कार्यालय पहुंचे, तो गेट पर एक नोटिस चस्पा मिला, जिसमें लिखा था:“ऑफिस खुला है, अफवाहों पर ध्यान न दें। भीड़ न लगाएं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी।”यह नोटिस कंपनी के कथित “महानिदेशक” के नाम से जारी किया गया था, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
भाजपा नेता का वीडियो संदेश, लेकिन भरोसा नहीं
रविवार को भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य ने वीडियो जारी कर दावा किया कि कंपनी भागी नहीं है, सभी निवेशकों की राशि सुरक्षित है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पैसा लौटाया जाएगा। हालांकि, निवेशकों ने इस आश्वासन को नकारते हुए कहा कि जब तक कोई अधिकृत जिम्मेदार व्यक्ति सामने नहीं आता, वे भरोसा नहीं करेंगे।
एसआईटी गठित, नामजद आरोपी ये
बदायूं के एसएसपी संकल्प शर्मा के आदेश पर गठित एसआईटी में SP सिटी विजेंद्र द्विवेदी, CO रजनीश उपाध्याय और प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह शामिल हैं। FIR में नामजद आरोपी शशिकांत मौर्य निदेशक, अमर ज्योति फाइनेंस, सूर्यकांत मौर्य,भाजपा नेता, मेजर अमित सिंह कंपनी मैनेजर, सुनील बाबू मौर्य एजेंट aur अन्य कर्मचारी/एजेंट भी हैं। निवेशकों की मांग,अब कोई जवाबदेह सामने आए निवेशकों का कहना है कि उनकी जमा पूंजी और भविष्य अधर में लटक गया है। वे मांग कर रहे हैं कि कंपनी का कोई अधिकृत और जिम्मेदार प्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से सामने आकर स्थिति स्पष्ट करे।
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